भारतीय किसान यूनियन ने भी किया दिल्ली कूच का ऐलान, कहा- सरकार समस्या सुलझाने में नाकाम
नई दिल्ली: मोदी सरकार इस बार संसद के मानसून सत्र में जो कृषि विधेयक लेकर आई थी, उसका विरोध तेज हो गया है। गुरुवार और शुक्रवार को पंजाब-हरियाणा के किसानों ने दिल्ली कूच कर दिया। पहले तो प्रशासन ने उन्हें पंजाब-हरियाणा और गुरुग्राम-दिल्ली बार्डर पर रोक दिया, जिस वजह से किसानों ने जमकर हंगामा किया। बाद में किसानों को दिल्ली जाने की इजाजत मिल गई। इस बीच उत्तर प्रदेश के किसानों ने भी मोर्चा खोल दिया है। साथ ही अब उन्होंने दिल्ली जाने की चेतावनी दी है।
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मामले में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों के मुद्दे को सुलझाने में नाकाम में नाकाम साबित हुई है। अब हम भी दिल्ली कूच कर रहे हैं। इससे पहले भारतीय किसान यूनियन ने शनिवार को यूपी-उत्तराखंड में चक्का जाम का ऐलान किया था। किसान यूनियन के मुताबिक अगर भारत का किसान प्रदर्शन के लिए दिल्ली नहीं जा सकता, तो सरकार उन्हें इस्लामाबाद भेज दे। भाकियू ने साफ किया कि इस बार किसान आर-पार की लड़ाई करने आएं हैं, ऐसे में जब तक उनको उनका हक नहीं मिलेगा वो घर नहीं जाएंगे।
बुराड़ी में प्रदर्शन की इजाजत
पंजाब-हरियाणा के किसानों ने बार्डर पर दो दिन जमकर हंगामा किया। पंजाब से आ रहे किसानों को जब सिंधु बार्डर पर रोका किया तो किसानों ने वहां लगी बैरिकेटिंग को उखाड़कर फेंक दिया। इसके बाद पुलिस को उन पर आंसू गैस के गोले दागने पड़े। साथ ही वाटर कैनन का भी इस्तेमाल करना पड़ा। हालांकि बाद में पुलिस-प्रशासन को किसानों के आगे झुकना पड़ा और उन्हें दिल्ली जाने की इजाजत मिल गई। अब किसान बुराड़ी स्थित निरंकारी ग्राउंट में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर सकते हैं।












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