Bharat Jodo Yatra: सोनिया गांधी ने पदयात्रा के लिए कर्नाटक के मांड्या को ही क्यों चुना, जानें खास वजह
Bharat Jodo Yatra:सोनिया गांधी ने पदयात्रा के लिए कर्नाटक के मांड्या को ही क्यों चुना, जानें खास वजह
Bharat Jodo Yatra: कांग्रेस द्वारा कन्याकुमारी से कश्मीर तक शुरू की गई भारत जोड़ो यात्रा इन दिनों कर्नाटक में हैं। गुरुवार सुबह कर्नाटक के मांड्या जिले में पहुंची इस यात्रा में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल हो गईं। यहां पर उन्होंने राहुल गांधी के साथ पदयात्रा की शुरूआत की। सोनिया गांधी ने पूरे 6 साल बाद ऐसी पदयात्रा में हिस्सा लिया है। ऐसे में सवाल उठ रहा कि पूरे कर्नाटक में आखिर कांग्रेस सोनिया गांधी ने अपनी पदयात्रा के लिए मांडया ही क्यों चुना?

भारत जोड़ो यात्रा कर्नाटक में कांग्रेस के लिए क्यों है अहम
बता दें कर्नाटक में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जिसके लिहाज से कांग्रेस की ये भारत जोड़ो यात्रा कर्नाटक के लिए अहम मानी जा रही है। ये ही वजह है कि राहुल गांधी के साथ अब सोनिया गांधी भी इस यात्रा से जुड़ चुकी हैं। इस यात्रा में शामिल होने से पहले दो दिन पहले ही कर्नाटक के प्रमुख त्योहार दशहरे के मौके पर सोनिया गांधी कर्नाटक पहुंची और उन्होंने मैसूर जहां पर दशहरे का भव्य आयोजन किया जाता है वहां मंदिर में उन्होंने पूजा अर्चना की।
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सोनिया गांधी के यात्रा में जुड़ने से कार्यकर्ताओं में भर गया नया जोश
गुरुवार को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सोनिया गांधी राहुल गांधी और अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ साथ शामिल हुईं। सोनिया गांधी जब पदयात्रा में पहुंची तो महिला कार्यकताओं समेत रैली में मौजूद लोगों ने सोनिया गांधी का नाम लेकर नारे लगाए। राहुल गांधी के साथ सोनिया गांधी को देखकर कार्यकर्ताओं में नया जोश भर गया।

मांड्या को ही पदयात्रा के लिए क्यों चुना ?
कर्नाटक की मांड्या विधानसभा सीट कांग्रेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण विधानसभा सीट इसलिए है क्योंकि यहां कांग्रेस की कड़ी टक्कर जनता दल (सेक्युलर) से होगी। ये विधानसभा सीट देवगौड़ा की पार्टी जेडीएस के प्रभाव वाली मानी जाती है। यहां कांग्रेस के कब्जे वाली सीट जेडीएस ने जीत दर्ज हासिल कर छीन ली थी। 2018 में कांग्रेस से ये सीट छीनने के लिए जेडीएस ने एम श्रीनिवास को मैदान में उतारा था और उन्होंने कांग्रेस के पी रवि कुमार को 21608 वोटों के मार्जिन से पराजित किया था।

कांग्रेस से हो गई थी ये भूल, जिसे वो अब सुधारना चाहती है
याद रहे मांड्या जहां जेडीएस का दबदबा था इसके बावजूद 2013 में कांग्रेस ने कन्नड़ फिल्म अभिनेता अंबरीष को उतारा था और उन्होंने ये सीट कांग्रेस के खाते में डालते हुए जीत हासिल की थी। वहीं 2018 चुनाव के समय एक्टर अंबरीष की तबीयत खराब होने के कारण मांड्या से कांग्रेस को अपना उम्मीदवार बदलना पड़ा था जिसके कारण कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी भी थी जिसका सीधा फायदा कांग्रेस जेडीएस उम्मीदवार को मिला और वो इस चुनाव में जीत हासिल कर ये सीट कांग्रेस के कब्जे से छीन ली थी। वहीं अब इस बार इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए कांग्रेस अपनी पूरी ताकत झोक रही। सोनिया का यहां से पदयात्रा शुरू करने का उद्देश्य यहां की जनता का विश्वास जीतना है।

2019 लोकसभा सीट इस गलती के कारण गवां दी थी
वहीं दूसरी गलती कांग्रेस की ये थी कि विधानसभा चुनाव के ठीक एक साल बाद जब लोकसभा चुनाव 2019 हुए तो कांग्रेस ने एक्टर अंबरीष की पत्नी सुमनलता अंबरीष को टिकट नहीं दिया था जिसके बाद उन्होंने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा और जेडीएस के निखिल कुमारस्वामी को 125876 से वोटों से हराया। निखिल कुमारस्वामी जो कि देवगौड़ा के पोते और कुमार स्वामी के बेटे हैं, उनको हराकर सुमनलता अंबरीष ने हराकर साबित कर दिया था कि कांग्रेस ने उन्हें टिकट ना देकर अपना कितना बड़ा नुकसान कर डाला है।

मांड्या के साथ अन्य सीटों को भी कांग्रेस कर रही टारगेट
मांड्या में सोनिया गांधी का भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने और यहां पदयात्रा करने का उद्देश्य ये है कि कांग्रेस की स्थिति को यहां मजबूत बनाना है क्योंकि कांग्रेस को पता है कि थोड़ी मेहनत से मांड्या और आसपास की सीटों पर कांग्रेस आगामी चुनाव में कब्जा जमा सकती है।

मंड्या विधानसभा सीट पर 5 बार चुनाव जीत चुकी है कांग्रेस
मंड्या विधानसभा सीट पर वोक्कालिगा समुदाय के वोटरों का वर्चस्व है। 1957 से लेकर अभी तक यहां 15 बार विधानसभा चुनाव हुए जिसमें कांग्रेस ने 5 बार चुनाव हासिल किया है। वहीं 3 बार जतना पार्टी, तीन बार जेडीएस, दो बार निर्दलीय, 1 बार एजीपीए और एक बार जनता दल में जीत हासिल कर इस सीट पर अपना कब्जा जमाया है।












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