'जब नाव बीच मंझदार में फंस जाए, तब पतवार अपने हाथ में लेनी ही पड़ती है', जानिए राहुल गांधी ने क्यों लिखा ऐसा?
नई दिल्ली, 20 सितंबर: देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी मौजूदा कई सालों से अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। एक के बाद एक नेता पार्टी को बीच मंझदार में छोड़कर निकल रहे हैं। ऐसे में पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है। हालांकि कई मौकों पर खुद राहुल ने इस पद को लेने से मना किया है, लेकिन अब उनके हालिया सोशल मीडिया पोस्ट से ऐसा लग रहा है कि वो इसकी जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार हैं।

देश में 3500 किलोमीटर लंबी भारत जोड़ो यात्रा यात्रा जारी है। कांग्रेस पार्टी की 'भारत जोड़ो यात्रा' इस वक्त केरल से होकर गुजर रही है, जिसका नेतृत्व पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कर रहे हैं। कन्याकुमारी से शुरू हुई पद यात्रा पूरे देश से होकर निकलेगी, जो कश्मीर में जाकर खत्म होगी। पद यात्रा के दौरान राहुल गांधी आम लोगों से मिलते हैं, उनकी समस्याओं को सुनते हैं। यात्रा की कई फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है, जिसमें आम लोगों का राहुल को गले लगाना हो या फिर कहीं बैठकर खाना खाना हो। इसी कड़ी में सोमवार को राहुल गांधी ने केरल में बोट रेस में हिस्सा लिया, जहां राहुल को नाव का चप्पू चलाते हुए देखा गया। इसके बाद उन्होंने एक फोटो फेसबुक पर पोस्ट की, जिसका कैप्शन कई चर्चाओं को जन्म दे रहा है।
150 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा का 13वें दिन है। बीते सोमवार को नाव की सवारी करते हुए फोटो के कैप्शन में उन्होंने लिखा- "जब नाव बीच मंझदार में फंस जाए, तब पतवार अपने हाथ में लेनी ही पड़ती है। न रुकेंगे, न झुकेंगे, भारत जोड़ेंगे।" अब इस पोस्ट के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
जानकारों की माने तो इस फोटो के जरिए राहुल गांधी का संदेश साफ है कि हर स्थिति का वो सामने करेंगे और लड़ेंगे। यानी की पार्टी की कमान संभालकर वो हर परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करेंगे। हालांकि उन्होंने ये कैप्शन में किस संदर्भ में दिया है उसका साफ-साफ पता तो नहीं चला है।












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