एक्सपायरी डेट बढ़ने के बाद अस्पतालों से स्टॉक मंगवा रहा भारत बायोटेक, करेगा री-लेबलिंग
नई दिल्ली, 2 जनवरी: भारत में कोरोना के खिलाफ जारी टीकाकरण अभियान के लिए 3 जनवरी का दिन बहुत ही खास है, जहां 15-18 आयुवर्ग के लिए टीकाकरण शुरू होने जा रहा। अभी ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सिर्फ भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को ही इस आयुवर्ग पर लगाने की अनुमति दी है। इसके लिए पूरे देश में तैयारियां जारी हैं। देश में टीके की कमी ना हो इसके लिए भारत बायोटेक ने अस्पतालों में पड़े स्टॉक को री-लेबल करना शुरू कर दिया है। साथ ही उसे एक जगह से दूसरे जगह भेजा जा रहा।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक देश के शीर्ष ड्रग रेगुलेटर ने वैक्सीन की एक्सपायरी डेट को नौ महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दिया है। जिसके बाद कंपनी अस्पतालों में पड़े स्टॉक को अपने खर्च पर वापस मंगवा रही। इसके बाद उसका लेबल (ऊपर लगा स्टीकर) चेंज किया जाएगा। अस्पतालों की लॉबी एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (AHPI) ने इस बात की पुष्टि की है कि पूरे देश में भारत बायोटेक अप्रयुक्त स्टॉक उठा रहा है।
मामले में AHPI के महानिदेशक गिरधर जे ज्ञानी ने कहा कि 50 हजार के छोटे स्टॉक में 70 प्रतिशत डोज ऐसी हैं, जिनकी एक्सपायरी मार्च में थी। अब कंपनी उनको ले जा रही और उसका लेबल चेंज कर दोबारा भेजेगी। ऐसे में वो टीके जून तक इस्तेमाल हो सकते हैं। ऐसे में देशभर में देखें तो री-लेबलिंग वाले टीकों की संख्या एक से दो लाख के बीच में होगी। कंपनी इन डोज के लिए पिक-अप सुविधा प्रदान कर रही है। साथ ही वो ही पूरा खर्च भी उठा रही।
करोड़ों खर्च का अनुमान
वहीं इस प्रक्रिया पर करोड़ों खर्च का अनुमान है। एक सूत्र ने बताया कि कंपनी अस्पताल से पूरा स्टॉक उठा रही। इसके बाद इसे कोल्ड चेन के जरिए कंपनी में ले जाया जा रहा। वहां पर री-लेबलिंग से पहले टीकों की जांच हो रही है। इसके बाद उन्हें दोबारा अस्पतालों में भेजा जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications