Bengalur की सड़कें होंगी गड्ढामुक्त? CM सिद्धारमैया ने दिया एक हफ्ते का अल्टीमेटम, क्या है पूरा प्लान?
Bengaluru Roads Pothole-Free: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य की राजधानी बेंगलुरु की सड़कों पर पड़े गड्ढों को लेकर अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है। मंगलवार, 21 अक्टूबर को उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शहर की सभी सड़कों के गड्ढे एक हफ्ते के भीतर भर दिए जाएं।
मुख्यमंत्री ने यह आदेश उस समय दिया जब राज्य में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर लगातार बहस चल रही है।सीएम सिद्धारमैया ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (GBA) और शहरी विकास विभाग के शीर्ष अधिकारी इस काम की निगरानी करें।

उन्होंने कहा, मैंने ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के चीफ कमिश्नर महेश्वर राव और शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तुषार गिरीनाथ से बात की है। एक हफ्ते के भीतर सभी गड्ढे भर दिए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी माना कि इस साल लगातार बारिश के कारण सड़क मरम्मत कार्य में देरी हुई है। सीएम ने कहा, बारिश के कारण कई जगह काम रुका हुआ था, लेकिन अब हमें तेजी दिखानी होगी।
क्या है सफेद टॉपिंग से जिससे बदलेगा शहर?
सिद्धारमैया ने सड़क विकास परियोजनाओं की शुरुआत करते हुए कहा कि शहर के कई हिस्सों में व्हाइट टॉपिंग रोड का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से बनी सड़कें 25-30 साल तक खराब नहीं होतीं, जिससे गड्ढों की समस्या खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा, हम गड्ढे भी भरेंगे और व्हाइट टॉपिंग का काम भी करेंगे ताकि आने वाले वर्षों में सड़कें टिकाऊ बनें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी विधायकों के क्षेत्रों के विकास के लिए 8,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह धनराशि केवल सत्तारूढ़ दल के नहीं, बल्कि विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में भी खर्च की जाएगी ताकि संतुलित विकास हो सके।
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने दी अपडेट
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, जो बेंगलुरु विकास विभाग का भी प्रभार संभाल रहे हैं, ने बताया कि सरकार ने सड़कों की मरम्मत की निगरानी के लिए जनता-हितैषी रिपोर्टिंग सिस्टम शुरू किया है। उन्होंने कहा, क्या किसी और सरकार ने ऐसा सिस्टम बनाया है, जहां जनता गड्ढों या कचरे की तस्वीरें भेजकर तुरंत कार्रवाई की मांग कर सके? यह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में ही संभव हुआ है। शिवकुमार ने दावा किया कि अब तक 10,000 से अधिक गड्ढे भरे जा चुके हैं, जबकि पिछली भाजपा सरकार के समय 20,000 गड्ढों की शिकायतें लंबित थीं।
बीजेपी पर डिप्टी सीएम का पलटवार
डिप्टी सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नेताओं ने सरकार की हर विकास योजना का मज़ाक उड़ाया, चाहे वह 113 किलोमीटर के कॉरिडोर प्रोजेक्ट की बात हो या सिटी टनल परियोजना की। उन्होंने बिना नाम लिए एक भाजपा सांसद को "खाली बर्तन जो सिर्फ शोर मचाता है और ट्वीट करता है।
शिवकुमार ने चुनौती दी, बेंगलुरु से पांच बीजेपी सांसद हैं - क्या इनमें से किसी ने केंद्र से शहर के लिए एक रुपया भी लाया है? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण खुद मंत्री हैं, क्या उन्होंने बेंगलुरु के लिए 10 रुपये भी दिलवाए? अगर उन्होंने दिलवाए हैं, तो मैं कोई भी सज़ा स्वीकार करूंगा। कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु को 'गड्ढामुक्त शहर' बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब देखना यह होगा कि क्या वाकई बेंगलुरु की सड़कें एक हफ्ते में गड्ढों से मुक्त हो पाएंगी या यह भी सिर्फ एक राजनीतिक वादा बनकर रह जाएगा।












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