Bengaluru Metro: नम्मा मेट्रो फेज-3 के लिए कुर्बान होंगे 1,092 पेड़, इस रूट पर आने वाले पेड़ों की होगी कटाई
Bengaluru Metro: भारत के आईटी सिटी बेंगलुरु में मेट्रो शुरुआत के साथ ही लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन का विकल्प बन गया है। मेट्रो से सफर करना आम लोगों के लिए सुविधाजनक विकल्प होने के साथ किफायती भी है। ट्रैफिक जाम में फंसकर होने वाले समय की बर्बादी की बचत भी हो रही है। नम्मा मेट्रो फेज 3 (Namma Metro Phase 3) परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। इस चरण के तहत जेपी नगर (4th Phase) से हेब्बल केम्पापुर तक नई मेट्रो लाइन का निर्माण किया जाएगा।
इस परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय पहलुओं ने लोगों और विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। इस प्रोजेक्ट के लिए 1,092 पेड़ों को हटाने की योजना बनाई गई है। इसका स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने विरोध भी किया है। मेट्रो प्रशासन ने पर्यावरण संतुलन का आश्वासन देते हुए ग्रीन एनर्जी और नए पेड़ लगाने का भरोसा दिया है।

Bengaluru Metro के निर्माण के लिए होगी पेड़ों की कटाई
⦁ बेंगलुरु मेट्रो प्रशासन का कहना है कि मेट्रो का विस्तार कार्य तेजी से चल रहा है, ताकि शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिले। साथ ही, लोगों को रोजमर्रा की यात्रा के लिए तेज और सुविधाजनक परिवहन का विकल्प मिल सके।
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⦁ बेंगलुरु में भी मेट्रो अंडरग्राउंड और जमीन के ऊपर है। नए मेट्रो स्टेशनों का निर्माण काम भी तेजी से चल रहा है। हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से स्थानीय पर्यावरण और जैव विविधता पर असर पड़ सकता है। बेंगलुरु के हरे-भरे परिवेश और साफ हवा के लिए पेड़ों की अहमियत बहुत बड़ी है।
⦁ परियोजना अधिकारियों ने कहा है कि वे पर्यावरणीय नुकसान को कम करने के लिए विकल्प तलाश रहे हैं। पेड़ों को कहीं और स्थानांतरित करना और अन्य क्षेत्रों में नई पौधरोपण योजनाओं को लागू करने जैसे विकल्पों के जरिए इसकी भरपाई की कोशिश होगी।
⦁ पर्यावरण विशेषज्ञों का सुझाव है कि मेट्रो निर्माण में पर्यावरण अनुकूल तकनीकों और सावधानीपूर्वक योजना का पालन किया जाए, ताकि हरे-भरे क्षेत्र का संरक्षण हो सके।
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Bengaluru Metro निर्माण के साथ पर्यावरण संरक्षण बनी चुनौती
शहरी योजनाकार और पर्यावरणविद इस बात पर जोर दे रहे हैं कि इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन होना चाहिए। मेट्रो विस्तार करते हुए इसका ध्यान रखना चाहिए कि शहर के प्राकृतिक संसाधन पेड़, ग्रीन क्षेत्र और तालाब वगैरह को कम से कम नुकसान पहुंचे। जेपी नगर से हेब्बल केम्पापुर तक मेट्रो लाइन पूरी होने पर यात्रा का समय कम होगा और नागरिकों को तेज, सुविधाजनक और सुरक्षित परिवहन मिलेगा। बेंगलुरु मेट्रो ने ग्रीन एनर्जी पर भी काम करना शुरू कर दिया है।












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