बेंगलुरु में टेलिकॉम एवं इंटरनेट सर्विस पर संकट

नई दिल्ली- बेंगलुरु के लोगों को कॉल ड्रॉप और इंटरनेट सर्विस में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, यह समस्या इस लिए पैदा हुई है कि पेमेंट के मुद्दे पर टेलिकॉम कंपनियों और म्यूनिसिपल बॉडी में ठन गई है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार ने भी दखल दिया है, लेकिन अभी तक मामला पूरा तरह से सुलझा नहीं है। अगर विवाद जारी रहा तो बेंगलुरु के लोगों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

क्यों शुरू हुआ विवाद?

क्यों शुरू हुआ विवाद?

ब्रुहत बेंगलुरु महानगर पालिके (BBMP) ने टेलिकॉम कंपनियों द्वारा जमीन के ऊपर लगाए गए केबल्स को काटने का आदेश दिया है, क्योंकि वे मौजूदा नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसके अलावा महानगर पालिका ने अंडरग्राउंड केबलिंग के लिए फीस की भी मांग की है, जबकि टेलिकॉम कंपनियों का दावा है कि वे सारी फीस पहले ही दे चुके हैं और उनसे दोबारा फीस की मांग की जा रही है। वैसे ब्रुहत बेंगलुरु महानगर पालिके (BBMP) के अधिकारियों ने कहा है कि वे सिर्फ वैसे केबल हटा रहे हैं, जो अनाधिकृत तरीके से लगे हुए हैं। अधिकारी ने बताया है कि, "अनाधिकृत केबल्स के चलते हमें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई बार हमनें टेलिकॉम कंपनियों को चेतावनी दी है कि केबल्स को अधिकृत तौर पर और नियमानुसार लगाएं, पर उन्होंने हमारी चेतावनियों को नजरअंदाज किया है। अब हमारे पास उन्हें काटने के सिवा कोई चारा नहीं बचा है।" उन्होंने कहा कि टेलिकॉम कंपनियों के पास अभी भी मौका है कि अनाधिकृत केबल्स की घोषणा करके और निर्धारित फीस चुका कर उसे नियमित करवा लें। अधिकारियों का ये भी कहना है कि ज्यादातर केबल पेड़ों पर लटकाए गए हैं, जिसके कारण कई एक्सीडेंट्स भी हो चुके हैं।

टेलिकॉम कंपनियों का दावा

टेलिकॉम कंपनियों का दावा

हालांकि, टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स का कहना है कि सड़क निर्माण के कारण जमीन के ऊपर अस्थाई तौर पर केबल डाले गए हैं और उन्हें जमीन के भीतर डालने की फीस पहले ही दी जा चुकी है। टेलिकॉम इंडस्ट्री बॉडी सीओएआई (COAI) का दावा है कि, "बीबीएमपी (BBMP)टेलिकॉम केबल्स को अंडरग्राउंड करने के लिए दोबारा पैसों की मांग कर रही है। हम पहले ही उसका भुगतान कर चुके हैं और अस्थाई तौर पर बीबीएमपी (BBMP) की इजाजत से उसे जमीन के ऊपर छोड़ा गया है।" टेलिकॉम इंडस्ट्री बॉडी सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI)के डायरेक्टर जनरल राजन एस मैथ्यूज के मुताबिक, "हमनें उनसे कहा है कि अपने आदेश को अभी रोक दें और हमें केबल्स को जमीन के अंदर डालने के लिए वक्त दें, क्योंकि केबल्स कटने से सेवाएं बाधित होंगी, जो पहले से ही श्रीलंका में आतंकी हमलों की वजह से रेड अलर्ट पर हैं।"

समाधान का जारी है प्रयास

समाधान का जारी है प्रयास

इस मामले में सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने टेलिकॉम सेक्रेटरी से भी संपर्क किया है। उनके दखल के बाद रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कर्नाटक के मुख्य सचिव से भी मुलाकात की है। मैथ्यूज ने कहा कि चीफ सेक्रेटरी ने ब्रुहत बेंगलुरु महानगर पालिके (BBMP) से मामले को निपटाने के लिए कहा है। वे मंगलवार को बीबीएमपी (BBMP) कमिश्नर से मुलाकात करने वाले हैं और उन्हें उम्मीद है कि यह मामला सुलझ जाएगा।

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