बेंगलुरु में गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, पटाखों के विस्पोट से 15 साल के किशोर की मौत, 6 घायल
Bengaluru Firecracker Blast: बेंगलुरु के नजदीक गणपति विसर्जन जुलूस में शुक्रवार की देर शाम का उत्सव अचानक हादसे में बदल गया। जहां माहौल ढोल-नगाड़ों और जयकारों से गूंज रहा था, वहीं एक पल में मातम छा गया। प्रतिमा लेकर जा रहे फोर्कलिफ्ट पर रखे पटाखे अचानक फट पड़े, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। धमाका इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोग घबराकर भागने लगे।
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, हादसे में 15 वर्षीय 10वीं के छात्र की मौके पर ही जान चली गई, जबकि एक पुलिसकर्मी समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, पटाखों का डिब्बा ड्राइवर की सीट के पीछे रखा हुआ था और लंबे समय तक गाड़ी के चलते रहने से गर्मी के कारण उसमें विस्फोट हो गया।
Bengaluru Ganesha Procession Accident: हादसा कैसे हुआ?
यह घटना कर्नाटक के डोड्डाबल्लापुर तालुक के मुत्तूर गांव में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गणेश प्रतिमा को फोर्कलिफ्ट वाहन से झील की ओर ले जाया जा रहा था। वाहन के ड्राइवर की सीट के पीछे पटाखों का एक बड़ा डिब्बा रखा गया था। ठीक शाम करीब 6 बजे अचानक इसमें विस्फोट हो गया।
धमाका इतना तेज था कि आसपास नाचते-गाते लोग भी इसकी चपेट में आ गए। हादसे में मारे गए किशोर की पहचान 15 वर्षीय एस. तनुश राव के रूप में हुई है, जो 10वीं कक्षा का छात्र था। वह फोर्कलिफ्ट पर बैठा हुआ था और विस्फोट के वक्त पटाखों के डिब्बे के बेहद करीब था। गंभीर झुलसने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बचा नहीं पाए।
पुलिस ने बताया कि विस्फोट में छह लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक पुलिस कांस्टेबल भी शामिल है। कुछ लोग विस्फोट के समय गाड़ी के पास नाचते-झूमते हुए आगे बढ़ रहे थे। सभी घायलों का नजदीकी अस्पताल में इलाज जारी है।
विस्फोट की वजह क्या थी?
पुलिस जांच में सामने आया है कि फोर्कलिफ्ट को करीब दो घंटे तक लगातार चलाया गया था, जिससे उसके इंजन और आस-पास का इलाका गर्म हो गया। पटाखों का डिब्बा ड्राइवर की सीट के ठीक पीछे रखा था। इंजन की गर्मी और घर्षण से वहां तापमान बढ़ गया और इसी वजह से पटाखे अपने आप फट गए। फोर्कलिफ्ट को मुनीराजु (27) नामक शख्स चला रहा था। उसे भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
त्योहारों में सुरक्षा को लेकर सवाल
यह हादसा एक बार फिर त्योहारों के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब लोग शोभायात्राओं में बड़े-बड़े क्रेन और फोर्कलिफ्ट जैसे औद्योगिक वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्हें भारी सामान उठाने के लिए बनाया गया है, न कि लोगों को बैठाकर सड़कों पर स्टंट करने के लिए। कई जगहों पर मनोरंजन के लिए ऐसे वाहन खतरनाक तरीके से इस्तेमाल किए जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रवृत्ति बेहद असुरक्षित है और ऐसे वाहनों के प्रयोग पर सख्त नियंत्रण जरूरी है। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों को वाहन पर क्यों रखा गया और आयोजकों ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी कैसे कर दी। फिलहाल पूरे इलाके में शोक की लहर है और गणेश विसर्जन की खुशियां मातम में बदल गई हैं।












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