Bengaluru में शुरू हुई Double Decker Bus हॉप-ऑन, हॉप-ऑफ सर्विस, लंदन-स्टाइल में शहर टूर, जानें रूट और किराया
Bengaluru Double-decker Bus: बेंगलुरु में लगभग 27 साल बाद डबल-डेकर बसें फिर से सड़कों पर उतर चुकी हैं। कर्नाटक राज्य पर्यटन विकास निगम (KSTDC) ने 21 जनवरी को शहर में अपनी 'हॉप-ऑन, हॉप-ऑफ' दर्शनीय सेवा का शुभारम्भ किया। 1997 के बाद शहर में यह ऐसी पहली सेवा है, जो निवासियों और पर्यटकों को क बेंगलुरु के आकर्षणों का व्यवस्थित दर्शन का मौका देती है।
गौरतलब है कि बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BMTC) ने कुछ साल पहले इन प्रतिष्ठित बसों को फिर से शुरू करने का असफल प्रयास किया था। अब KSTDC शहर के केंद्रीय सर्किट पर तीन डबल-डेकर बसें चलाएगा। प्रत्येक बस में 40 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी, जिनमें से 20 वातानुकूलित निचले डेक पर और 20 छत-खुले ऊपरी डेक पर बैठ सकेंगे और खुले में शहर का खूबसूसरत नजारा देख सकेंगे। यह सर्विस केवल पर्यटन पर केंद्रित है।

Bengaluru Double-decker का क्या होगा रूट?
यह विशेष हॉप-ऑन, हॉप-ऑफ सेवा रवींद्र कलाक्षेत्र से शुरू होकर वहीं समाप्त होती है, जिसमें केंद्रीय बेंगलुरु के प्रमुख नागरिक-ऐतिहासिक क्षेत्र हैं। मार्ग में कॉर्पोरेशन सर्कल, हडसन सर्कल और कस्तूरबा रोड आते हैं। यह विश्वेश्वरैया संग्रहालय, चिन्नास्वामी स्टेडियम, जनरल पोस्ट ऑफिस, हाई कोर्ट और विधान सौधा जैसे महत्वपूर्ण स्थलों को कवर करता है।
Bengaluru Double-decker का समय और किराया क्या होगा?
यात्री अपनी रुचि/समय अनुसार निर्धारित स्टॉप पर उतर या चढ़ सकते हैं। पूरे दिन का पास ₹180 का है। बसें प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक संचालित होंगी। टिकट KSTDC वेबसाइट से ऑनलाइन या सीधे रवींद्र कला क्षेत्र से खरीदे जा सकते हैं।
आने वाले दिनों में बढ़ाई जाएगी संख्या
फिलहाल यह छोटे लूप पर चल रही है, लेकिन पर्यटन अधिकारियों ने मार्ग विस्तार की योजना बनाई है, जिसमें 26 पर्यटन स्थल ट्रिनिटी सर्कल तक शामिल होंगे। 'अम्बाारी' बसें मैसूरु में दशहरा के मौसम में शहर के दौरों हेतु भी उपयोग की जाती हैं।
बस में होगी ऑडियो कमेंट्री
बसों में ऑडियो कमेंट्री उपलब्ध है, जो प्रमुख स्थानों की संक्षिप्त जानकारी देती है। साथ ही, कर्नाटक की संस्कृति, वन्यजीव और पर्यटन स्थलों को दर्शाती बाहरी कलाकृतियाँ, सेवा की दृश्य पहचान बढ़ाती हैं।
पर्यटन मंत्री एच.के. पाटिल ने रवींद्र कला क्षेत्र में सेवा को हरी झंडी दिखाई। अधिकारियों का मानना है कि निश्चित मार्गों, लचीले बोर्डिंग और खुली छत वाली सीटों का संयोजन पहली बार आने वाले आगंतुकों और स्थानीय बेंगलुरुवासियों दोनों को आकर्षित करेगा। यह पहल संगठित शहरी पर्यटन को मजबूत करने की दिशा में नया प्रयास है।












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