बेंगलुरु बेड स्कैम: तेजस्वी सूर्या को राहत, हाईकोर्ट ने रद्द की कांग्रेस नेता की याचिका
बेंगलुरु, 14 मई: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के कोविड वार रूम में हुए घोटाले की जांच तो शुरू हो गई है, लेकिन मामला अभी शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी हफ्ते कांग्रेस नेता वाईबी श्रीवत्स ने सांसद और बीजेपी नेता तेजस्वी सूर्या के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की थी। साथ ही 17 मुस्लिम कर्मचारियों पर लगे आरोपों पर विचार करने को कहा था, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने बीजेपी नेता को राहत देते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

अपनी याचिका में कांग्रेस नेता ने कहा कि इस घटना को तेजस्वी सूर्या ने सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। साथ ही एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने का प्रयास किया। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि ये याचिका राजनीति से प्रेरित है। इसे जनहित की याचिका नहीं कहा जा सकता है। बाकी जो कर्मचारी इस मामले में निलंबित हुए हैं, वो जब चाहें अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ये भी पाया कि केंद्रीय अपराध शाखा यानी सीसीबी बेड स्कैम की जांच कर रही है। जिसकी निगरानी भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने पहले ही मामले में जांच के आदेश दिए थे, ऐसे में कांग्रेस नेता की याचिका पर गौर करने की जरूरत नहीं है।
बीजेपी सांसद का था ये आरोप
अभी हाल ही में बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने आरोप लगाया था कि बेंगलुरु के कोविड वॉर रूम में बेड घोटाला चल रहा है, जहां पर मरीजों को बेड दिलाने के नाम पर रिश्वत ली जा रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वॉर रूम में बैठे कुछ लोग, बाहर के एजेंट्स की मदद से मरीजों के लिए बेड्स को रिजर्व रखते हैं। अगर कोई मरीज मोटी रकम देता है, तो उसे बेड मिल जाता है, लेकिन अगर कोई फोन के जरिए पूछता है तो उसे मना कर दिया जाता है।












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