Bengaluru: राइड कैंसिल करने पर भड़का ऑटो ड्राइवर, महिला ने दी गालियां, जानिए क्या है पूरा मामला?
Bengaluru News: ऑटो ड्राइवर और एक महिला यात्री के बीच तीखी बहस का वीडियो कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें, बेंगलुरु में यह कोई पहला मामला नहीं है..इससे पहले ट्रैक्सी और ऑटो रिक्शा से जुड़े कई विवाद सामने आ चुके हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल हो रहे वीडियो में महिला यात्री एक ऑटो रिक्शा चालक से भिड़ती दिख रही है। दरअसल, सारा विवाद ऑटो बुक करने को लेकर हुआ है। इस घटना पर बेंगलुरु सिटी पुलिस ने की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पुलिस ने कहा कि कृपया अपना संपर्क नंबर डीएम करें और घटनास्थल की जानकारी दें।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला यात्री एक ऑटो में बैठी है। इसी दौरान वहां दूसरा ऑटो चालक पहुंच जाता है। चालक का आरोप है कि महिला ने एक साथ दो ऑटो बुक किए। बाद में एक को कैंसिल कर दिया और दूसरे ऑटो पर बैठ गई। हालांकि, इसपर महिला यात्री का कहना था कि उसने एक साथ दो ऑटो बुक नहीं किए हैं। उसने सिर्फ किराया देखा था।
इस दौरान दोनों के बीच बहस बढ़ जाती है। चालक ने कहा कि आप एक साथ दो ऑटो कैसे बुक कर सकती हैं? मैं काफी देर से इंतजार कर रहा हूं। अब आपने मेरी बुकिंग रद करके दूसरे ऑटो में बैठ गई हैं। ऑटो चालकों के साथ क्या कर रही हैं? जवाब में, महिला ने ओला के ज़रिए ऑटो बुक करने से साफ इनकार कर दिया।
महिला ने कहा,"मैंने दो ऑटो बुक नहीं किए। आप मुझे क्यों परेशान कर रहे हैं? मैंने तो बस दो अलग-अलग ऑटो में कीमतें चेक कीं और एक बुक किया। अगर आपको कॉल आती है, तो यह ऐप की समस्या है। कृपया चले जाइए और मुझे परेशान मत कीजिए।" हालांकि, ड्राइवर का दावा है कि उसने ओला के ज़रिए ऑटो बुक किया था और फिर रैपिडो राइड के पक्ष में इसे रद्द कर दिया।
इसके बाद महिला अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती है। इस दौरान महिला ऑटो ड्राइवर को मुक्का मारने की कोशिश भी करती है। साथ ही, दूसरे ड्राइवर से राइड शुरू करने के लिए कहती है। इस बीच, यह वीडियो एक्स पर वायरल हो गया है। इस वायरल वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रिया आ रही है।
एक यूजर ने लिखा, "जब कोई कंपनी अपने ऐप में कैंसिलेशन फीचर देती है, तो उसके इस्तेमाल के लिए ग्राहकों को क्यों दोषी ठहराया जाए? जब ड्राइवर कैंसिल करते हैं, तो उन्हें भी दोषी ठहराया जाए। या फिर कंपनी को बुकिंग शुल्क इकट्ठा करके दूसरे पक्ष को देने दिया जाए। अगर ऑटो वाले ग्राहकों की बात सुनते, तो ओला/उबर का विकास नहीं होता।"












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