हुमायूं कबीर ने अश्लील रील का हवाला दे काटा Nisha Chatterjee का टिकट, इनफ्लूएंसर बोलीं- 'हिंदू होने की सजा'
Bengal News Humayun Kabir: पश्चिम बंगाल की राजनीति में हुमायूं कबीर की नई पार्टी जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के गठन के साथ ही विवादों में आ गई है। बंगाल में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने वाले कबीर ने दावा किया था कि उनकी पार्टी से सभी धर्मों और वर्ग के लोगों को समर्थन मिलेगा। हालांकि, उन्होंने अपनी एक उम्मीदवार का टिकट महज 24 घंटे के अंदर काट दिया। बालीगंज विधानसभा सीट से घोषित की गई उम्मीदवार निशा चटर्जी का टिकट काटने पर बवाल शुरू हो गया है।
बालीगंज विधानसभा सीट से घोषित की गई उम्मीदवार निशा चटर्जी ने टिकट कटने पर हुमायूं कबीर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आधार पर भेदभाव करते हुए यह फैसला लिया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व ने सीधे तौर पर यह कहा कि वह हिंदू हैं, इसलिए उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया जा सकता।

Humayun Kabir ने टिकट काटने की वजह बताई वायरल रील
तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने हाल ही में जनता उन्नयन पार्टी का गठन किया था। इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण कोलकाता की बालीगंज सीट समेत आठ विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया। निशा चटर्जी को उम्मीदवार बनाने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वायरल रील का हवाला देकर टिकट काट लिया। कबीर का कहना है कि इससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। इन वायरल रील में वह वेस्टर्न कपड़ों में डांस करती नजर आ रही हैं।
Bengal News: निशा चटर्जी ने लगाया भेदभाव का आरोप
इस फैसले से नाराज निशा चटर्जी ने कहा कि पार्टी स्थापना दिवस के मौके पर 22 दिसंबर को उन्हें बुलाकर समिति का सदस्य बनाया गया था। उन्होंने पार्टी गठन से लेकर अब तक हर जिम्मेदारी को निष्ठा से निभाया, लेकिन फिर भी उनके साथ भेदवाभ हो रहा है। निशा ने दावा किया कि मुझे हिंदू होने की वजह से यह भेदभाव झेलना पड़ रहा है। अचानक ही सोशल मीडिया पोस्ट को अशोभनीय बता दिया गया और मुझे सार्वजनिक रूप से बदनाम किया जा रहा है।
Nisha Chatterjee ने कहा, 'हर मामले में दिया पार्टी का साथ'
निशा चटर्जी ने यह भी साफ किया कि उन्होंने बाबरी मस्जिद के निर्माण के मुद्दे पर पार्टी लाइन का समर्थन किया था, इसके बावजूद उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया। अब वह विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरने पर भी विचार कर रही हैं। इस पूरे विवाद पर हुमायूं कबीर ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने निशा की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर देखे हैं। ऐसे कंटेंट से जनता के बीच गलत संदेश जा सकता है।












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