Bengal Election: Exit Poll में BJP को बढ़त, TMC ने काटा हंगामा, लगाए EVM छेड़छाड़ के आरोप, ECI ने क्या कहा?
Bengal Election TMC Protest: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान पूरा होने के महज 24 घंटे बाद गुरुवार (30 अप्रैल 2026) रात 9 बजे तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने EVM स्ट्रॉन्गरूम को लेकर बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया। TMC उम्मीदवार कुणाल घोष और शशि पांजा ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र (Khudiram Anushilan Kendra) के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आरोप है कि स्ट्रॉन्गरूम के अंदर अनियमित गतिविधियां हो रही हैं, तिजोरियों तक अनधिकृत पहुंच हो रही है और बिना पार्टी प्रतिनिधियों की मौजूदगी के मतपेटियां खोली जा रही हैं। टीएमसी ने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार देते हुए चुनाव आयोग पर BJP के साथ मिलीभगत का सीधा आरोप लगाया। पार्टी के आधिकारिक X हैंडल पर CCTV फुटेज भी शेयर किया गया, जिसमें दावा किया गया कि BJP और EC अधिकारी मिलकर EVM में छेड़छाड़ की तैयारी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वयं वीडियो संदेश जारी कर कार्यकर्ताओं से 24 घंटे सतर्क रहने की अपील की और कहा कि कोई भी हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह विरोध प्रदर्शन ठीक उसी वक्त हुआ, जब एग्जिट पोल में BJP को बढ़त दिखाई जा रही है और 4 मई को मतगणना होने वाली है। TMC का कहना है कि यह BJP का 'अंतिम हथकंडा' है, जबकि विपक्ष इसे हार की तैयारी बता रहा है।
उधर, बीजेपी ने पलटवार करते हुए इसे टीएमसी का भ्रम फैलाने का खेल बताया। वहीं, ECI ने कहा कि स्ट्रॉन्गरूम में EVM पुरी तरह सुरक्षित है। सभी दलों को जानकारी दी गई है। उम्मीदवारों, चुनाव ऐजेंटों के सामने सील किया गया। इस हंगामे के तहत, बीजेपी-टीएमसी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। ऐसे में EVM स्ट्रॉन्गरूम के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई।
क्या हुआ खुदीराम अनुशीलन केंद्र पर?
दूसरे चरण के मतदान (29 अप्रैल) के बाद EVM मशीनें कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र में रखी गईं। यह केंद्र EVM स्ट्रॉन्गरूम के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। TMC उम्मीदवार कुणाल घोष और डॉ. शशि पांजा ने सुबह से यहां धरना दे रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि बिना किसी TMC प्रतिनिधि की मौजूदगी में तिजोरियां खोली जा रही हैं।
टीएमसी के X पोस्ट में लिखा गया, "@BJP4India और @ECISVEEP की मिलीभगत से मतपेटियां खोली जा रही हैं। यह घोर चुनावी धोखाधड़ी है।" पार्टी ने आगे कहा कि BJP ने नाम काटने, धमकाने, केंद्रीय बलों के जरिए आतंक फैलाने, पैसे बरसाने जैसे हर तरीके आजमाए, लेकिन असफल रही। अब हताशा में EVM छेड़छाड़ का रास्ता अपनाया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा, 'हमारे नेता डॉ. शशि पांजा और कुणाल घोष नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर धरना पर बैठे हैं। मैं खुद स्थिति का जायजा लूंगी। बंगाल की जनता इस दिनदहाड़े लूट को देख रही है।' उन्होंने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि 24 घंटे निगरानी रखें ताकि कोई गड़बड़ी न हो।
चुनावी माहौल: रिकॉर्ड मतदान के बाद तनाव चरम पर
बंगाल चुनाव 2026 दो चरणों में हुआ। दूसरे और अंतिम चरण में 142 सीटों पर रिकॉर्ड 92.9% मतदान दर्ज किया गया। कुल मिलाकर 92.93% वोटिंग हुई। बंगाल के इतिहास में सबसे ऊंचा मतदान रहा। TMC इसे अपनी जीत का संकेत मान रही है, जबकि BJP इसे 'साइलेंट वोट' बता रही है। ममता बनर्जी ने गुरुवार सुबह जारी वीडियो में एग्जिट पोल को 'BJP के ऑफिस से तैयार' बताया और कहा, 'ये मनगढ़ंत आंकड़े हैं। असली जनादेश 4 मई को आएगा। टीएमसी 226 से ज्यादा सीटें जीतेगी और मां-माटी-मानुष की सरकार बनेगी।'
लेकिन EVM स्ट्रॉन्गरूम विवाद ने पूरे माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। भारत में EVM पर विवाद नया नहीं है, लेकिन बंगाल में TMC और BJP के बीच यह लंबे समय से चला आ रहा है। 2021 चुनाव में भी TMC ने EVM पर सवाल उठाए थे, लेकिन तब वे सत्ता में आईं। इस बार स्थिति उलट लग रही है।
EVM स्ट्रॉन्गरूम प्रोटोकॉल क्या कहता है?
चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक EVM मशीनें मतदान के तुरंत बाद स्ट्रॉन्गरूम में सील कर दी जाती हैं। स्ट्रॉन्गरूम में CCTV निगरानी, पुलिस सुरक्षा और सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य है। तिजोरी खोलने या किसी गतिविधि के लिए सभी पक्षों की सहमति जरूरी होती है।
TMC का आरोप है कि इन नियमों का उल्लंघन हो रहा है। पार्टी ने दावा किया कि CCTV फुटेज में बिना TMC एजेंट के तिजोरियां खोली जा रही हैं। अगर यह सही है तो यह गंभीर प्रक्रियात्मक खामी है। चुनाव आयोग ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे 'पूर्व नियोजित' बताया है।













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