नया अभियान: बेनामी संपत्ति की सूचना देने वाले को मिलेगा 1 करोड़ का नकद इनाम
नई दिल्ली। केंद्र सरकार बेनामी संपत्ति की सूचना देने वालों को नकद इनाम देने की योजना बना रही है। इनाम की राशि 1 करोड़ रुपए तक होगी। जानकारी के मुताबिक अगले महीने इस पहल को लेकर बड़ा ऐलान किया जा सकता है। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर सीनियर सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) के एक अधिकारी जो कि पॉलिसी बनाने का हिस्सा हैं ने बताया कि जांच एजेंसियों को इस संबंध में सूचना देने वाले मुखबिर को न्यूनतम 15 लाख और अधिकतम 1 करोड़ रुपये मिलेंगे।

आधिकारिक के अनुसार, जानकारी पुख्ता होनी चाहिए। मुखबिर की पहचान गुप्त रखी जाएगी। विभाग कभी भी इस पहचान का खुलासा नहीं करेगा क्योंकि इससे खबरी खतरे में पड़ सकता है। पिछले साल बेनामी संपत्ति को लेकर कानून में इस प्रावधान का अभाव था। यह प्रबन्धक निदेशालय, आयकर विभाग और राजस्व खुफिया निदेशालय द्वारा एक आम अभ्यास है ताकि सूचनाकारों को पुरस्कृत किया जा सके। अधिकारी ने बताया कि बेनामीदारों को खोज पाना आयकर अधिकारियों के साथ-साथ प्रशासन के लिए कठिन काम है।
सीबीडीटी के एक आला अधिकारी ने बताया कि "अगर हम मुखबिरों की मदद लेते हैं तो यह बहुत आसान, तेज और प्रभावी तरीके से होगा। अगर हमारे पास मुखबिरों के लिए एक आकर्षक पुरस्कार है तो हमारा काम आसान हो जाएगा।'' इस तरह हम देश भर में बेनामीदारों को आसानी से चिन्हित कर लेंगे। उन्होंने बताया कि यह घोषणा अक्टूबर के अंत या पहले हफ्ते तक होने की उम्मीद है। "
क्या होती है बेनामी संपत्ति
इस ट्रांजैक्शन में जो आदमी पैसा देता है वो अपने नाम से प्रॉपर्टी नहीं करवाता है। जिसके नाम पर ये प्रॉपर्टी खरीदी जाती है उसे बेनामदार कहा जाता है। इस तरह से खरीदी गई प्रॉपर्टी को बेनामी प्रॉपर्टी कहा जाता है। इसमें जो व्यक्ति पैसे देता है घर का मालिक वही होता है। ये प्रॉपर्टी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दोनों तरीकों से पैसे देने वाले का फायदा करती है। भारत में बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनके धन का कोई हिसाब-किताब नहीं है और वे आयकर भी नहीं चुकाते, वे अमूमन बेनामी संपत्तियों में धन लगाते हैं।












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