सावधान! कहीं आपके किचन में भी जीरे की जगह घास तो नहीं, पढ़िए त्योहारी सीजन में आपके काम की खबर
Cumin in your kitchen maybe grass: त्योहार के सीजन में हर चीज की डिमांड बढ़ जाती है, खासकर खाने-पीने की चीजों की। त्योहार के दौरान मांग बढ़ते ही मिलावटी सामान भी धड़ल्ले से बाजार में खूब बेचा जाता है। ये नकली खाद्य सामग्री हमारे स्वाथ्य के लिए खतरनाक साबित होती है। दीपावली त्योहार के सीजन में मिठाई, तेल, घी में मिलावट की खबरें तो हर साल सामने आती हैं लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने एक मसाला फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है जहां पर मसाले में यूज किया जाने वाले नकली जीरा घास से तैयार किया जा रहा था।

मसाला फैक्ट्री का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ किया
जी हां, आपने सही सुना दाल और अन्य व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए हम जिस जीरे से तड़का लगाते हैं वो ही जीरा बनाने वाली एक मसाला फैक्ट्री का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।

मसाला फैक्ट्री घास समेत इन चीजों से तैयार बना रही थी जीरा
जिस जीरे को स्वास्थ्यवर्धक भी माना जाता है और इसलिए लोग इसका विभिन्न तरीके से प्रयोग करते हैं । वो ही आपके किचन में रखा जीरा, जीरा नहीं घास है। इस नकली मसाला बनाने वाली फैक्ट्री में दिल्ली पुलिस ने दिवाली से पहले छापा मारा है जिसमें मसाला फैक्ट्री की सच्चाई सामने आई। दिल्ली की ये मसाला फैक्ट्री घास, गुड़ और पत्थर के पाउडर से नकली जीरा बना रही थी।

त्योहार के पहले पुलिस ने की छापेमारी
त्योहार के सीजन में अवैध गतिविधियों की जांच के लिए पुलिस हर वर्ष दिल्ली-एनसीआर में बड़े पैमाने पर छापेमारी करती है। इसी के तहत ये छापेमारी की गई।

इस छापेमारी में पुलिस ने बरामद की ये चीजें
इस छापेमारी में पुलिस ने 348 बोरी जीरा और गोदाम में 55 बोरी जीरा, 35 ग्रास बैग, गुड़ के सिरके के 25 डिब्बे और स्टोन पाउडर के 25 बोरे बरामद किए गए।

त्योहार के सीजन में नकली खाद्य सामग्री को लेकर सतर्क हुई पुलिस
त्योहारों का मौसम आते ही पुलिस ने मिलावट को रोकने के लिए दिल्ली में एक बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है, क्योंकि कुछ लोग त्योहारों को ऐसे मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेचने के लिए एक बड़े मौके के रूप में देखते हैं और कानून का उलंघन करते हुए नकली खाद्य सामग्री बनाकर उसे सप्लाई कर लोगों के जीवन से खिड़वाड़ करते हैं।

जीरा को आयुर्वेद में फायदेमंद औषधि बताया गया है
गौरतलब है कि हर घर में मौजूद जीरे को केवल सब्जी में छौंक लगाने के ही माम में नहीं आता बल्कि आयुर्वेद में जीरा को फायदेमंद औषधि बताया गया है। जीरा तीन प्रकार का होता है। काला जीरा, सफेद जीरा, अरण्य जीरा जिसे जंगली जीरा कहा जाता है। अगल- अलग जीरे को अलग-अलग स्वास्थ्य संबंधी समस्यों के लिए यूज किया जाता है।

इन बीमारियों के लिए रामबाण है जीरा
- मुंह से बदबू आने पर जीरा का प्रयोग लाभकारी होता है। इसमें जीरा के साथ थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर खाने से मुंह से आने वाली बदबू चली जाती है।
- पेट या गले में जलन होने पर चार चुटकी जीरा खाने से चंद मिनट में एसिडिटी उड़न छू हो जाती है।
- हिचकी, खुजली, खट्टी डिकार के अलावा अन्य हेल्थ संबंधी समस्याओं में भी जीरे का सेवन लाभकारी बताया गया है।
- बीमारी के बाद भूख कम लगती है यज्ञ खाना खाने का मन नहीं करता उसके लिए जीरा लाभकारी है।
- पुरानी सर्दी हो या सर्दी जुकाम में काले जीरे का धुंआ लाभकारी होता है।
- कफ में जीरे का 10-20 मिली काढ़ा पीने से फायदा मिलता है।
- उंलटी या मतली समेत अन्य बीमारियों में भी जीरा लाभकारी बताया गया है।












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