चेक गणराज्य यात्रा बैन का बड़ा असर, परेशानी में भारत के 200 छात्र
नई दिल्ली, 10 अगस्त: दुनियाभर में कोरोना महामारी का कहर जारी है। कोरोना के चलते यात्रा प्रतिबंधों के कारण 200 से अधिक आईटी पेशेवर, शोध छात्र, छात्र और यहां तक कि चेक गणराज्य के वीजा धारक भारत से यात्रा करने में असमर्थ हैं। केवल 2 अगस्त के बाद वीजा प्राप्त करने वालों को ही उस यूरोपीय देश की यात्रा करने की अनुमति है। अधिकारियों का कहना है कि बाकियों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।

चेक गणराज्य में दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि वे कोरोना वायरस के मद्देनजर सुरक्षात्मक उपाय कर रहे हैं। केवल वे लोग जिन्होंने चेक अधिकारियों, पेशेवर एथलीटों या विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से दीर्घकालिक या स्थायी या अस्थायी निवास परमिट प्राप्त किया है और जिन्होंने 2 अगस्त, 2021 के बाद दीर्घकालिक वीजा प्राप्त किया है, उन्हें चेक गणराज्य में अनुमति दी जाएगी। चेक गणराज्य के अधिकारियों ने कहा कि छात्रों को 2021-2022 शैक्षणिक वर्ष के लिए दीर्घकालिक वीजा और दीर्घकालिक निवास परमिट के लिए आवेदन करने का मौका दिया गया था।
उत्तर प्रदेश की सृष्टि वर्मा ने पिछले अप्रैल में हैदराबाद में अपनी नौकरी छोड़ दी थी। उसने यह फैसला तब किया जब उसे जून के अंत में चेक गणराज्य की एक कंपनी में नौकरी मिल गई थी। अभी यात्रा पर प्रतिबंध लगने से उनके लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। स्थिति ऐसी थी कि अब तक जो पैसा बचा कर रखा था, उसी से गुजारा करना पड़ रहा था। सृष्टि का कहना है कि सरकार वर्तमान में केवल आपातकालीन यात्रा की अनुमति दे रही है, लेकिन उन्हें नौकरी की जरूरत है। वो चेक कंपनी में शामिल नहीं हो सकी और दूसरी नौकरी भी नहीं मिली। सृष्टि वर्मा ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह चेक अधिकारियों से उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तुरंत बात करे और यह सुनिश्चित करे कि वीजा जारी किया जाए।
दूसरी तरफ परेशान पेशेवरों ने #openczembind नामक एक सोशल मीडिया अभियान शुरू किया है और change.org पर एक ऑनलाइन याचिका के लिए साइन अप किया है। 8 अगस्त तक 'Change.org' के लिए 600 से अधिक लोगों ने साइन अप किया है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर चेक गणराज्य ने इस साल अप्रैल से भारत में अपने परिचालन को निलंबित कर दिया है। अब हमारे देश में कोरोना की गिरावट के साथ स्थिति में सुधार हुआ है। नतीजतन जर्मनी, नीदरलैंड, फ्रांस, स्पेन, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया, स्लोवाकिया और क्रोएशिया जैसे कई यूरोपीय देशों ने अप्रवासियों पर अपने यात्रा प्रतिबंध हटा दिए हैं। यदि चेक गणराज्य में भी यात्रा प्रतिबंध हटा लिया जाता है तो कई भारतीय पेशेवरों और छात्रों को बहुत राहत मिलेगी।












Click it and Unblock the Notifications