तेलंगाना: बीआरएस नेता हरीश राव के कार्यालय पर तोड़फोड़, कांग्रेस पर लगे हमले के आरोप
सिद्धिपेट में बीआरएस नेता हरीश राव के कार्यालय पर तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। इस घटना के लिए कथित तौर पर कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है। बताया जा रहा है कि, कुछ लोग वरिष्ठ बीआरएस नेता और विधायक टी. हरीश राव के कैंप कार्यालय में घुस गए और उनके इस्तीफे की मांग करते हुए वहां लगे बैनरों को फाड़ दिया।
हरीश राव और बीआरएस कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव दोनों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर विधायक के सरकारी आवास में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस ने शनिवार को स्पष्ट किया कि कोई भी तोड़फोड़ नहीं हुई है। केवल विधायक के कैंप कार्यालय के बाहर एक फ्लेक्स बैनर फाड़ा गया था।

बीआरएस नेताओं की शिकायत के बाद अधिकारियों ने मामला दर्ज किया और घटना के संबंध में चार व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। हरीश राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हुए इस घटना को कानूनहीनता बताया। उन्होंने वीडियो साझा किए जिसमें कुछ लोग परिसर में प्रवेश करते हुए दिख रहे हैं। जिसमें एक व्यक्ति पूर्व तेलंगाना मुख्यमंत्री और बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव और हरीश राव की तस्वीरों वाले फ्लेक्स बैनर फाड़ रहा है। यही नहीं वह कांग्रेस के नारे लगाते हुए विधायक से इस्तीफा भी मांग रहा था।
हरीश राव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमले को रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया और इसके बजाय अपराधियों की रक्षा की। उन्होंने तेलंगाना डीजीपी से इस घटना को लेकर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस बीच, के.टी. रामा राव ने भी एक्स पर यह आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े गुंडों ने सिद्धिपेट के विधायक हरीश राव के सरकारी आवास में तोड़फोड़ की. उन्होंने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि तेलंगाना कांग्रेस ने "मोहब्बत के बाजार में नफरत का दुकान" खोला है। रामा राव ने सवाल किया कि क्या यही गांधी का "मोहब्बत का दुकान" था और इसे शर्मनाक कृत्य बताया।
यह घटना तेलंगाना में महत्वपूर्ण राजनीतिक बहस को जन्म दे चुकी है, जिसमें दोनों दल आरोप और आलोचना का आदान-प्रदान कर रहे हैं। कथित तोड़फोड़ की घटनाओं की जांच जारी रखने के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।












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