पीएम मोदी के बयान के उलट BJP की बुकलेट में NRC का दावा

पीएम मोदी के बयान के बयान के उलट BJP की बुकलेट में NRC का दावा

नई दिल्ली। देशभर में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध हो रहा है। विपक्ष लगातार सरकार पर इस कानून को लेकर हमला कर रहा है। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि नागरिकता संशोधन कानून को जब एनआरसी से जोड़कर देखा जाएगा तो यह घातक साबित हो सकता है। लेकिन विपक्ष के आरोप पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पलटवार करते हुए कहा था कि उनकी सरकार ने अभी तक एनआरसी पर चर्चा तक नहीं की है। लेकिन पीएम मोदी के दावे के इतर बंगाली भाषा में भाजपा की बुकलेट कुछ और ही दावा कर रही है।

एनआरसी को लागू किया जाएगा

एनआरसी को लागू किया जाएगा

बंगाली भाषा में भाजपा की जो बुकलेट नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए बांटी जा रही है उसमे साफ तौर पर कहा गया है कि नागरिकता संशोधन कानून के बाद एनआरसी को लागू किया जाएगा। हालांकि हिंदी भाषा में छपी इस पुस्तिका में एनआरसी का जिक्र नहीं किया गया है। बता दें कि रविवार को भाजपा ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भ्रम व अफवाह को खत्म करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया, जिसके तहत देशभर में लोगों को जागरूक करने के लिए यह पुस्तिका बांटी जाएगी।

एनआरसी का जिक्र

एनआरसी का जिक्र

बंगाली भाषा में छपी इस पुस्तिका के पेज नंबर 23 में लिखा गया है कि क्या इसके बाद एनआरसी होगा। इसकी कितनी जरूरत है। क्या एनआरसी होगा तो इसके बाद असम के हिंदुओं को डिटेंशन कैंप में डाला जाएगा। इन तमाम सवालों के जवाब में पुस्तिका में लिखा है कि हां, इसके बाद एनआरसी को लागू किया जाएगा। केंद्र सरकार की मंशा ऐसी ही है। लेकिन उससे पहले हम साफ कर देना चाहते हैं कि किसी भी हिंदू को एनआरसी की वजह से डिटेंशन सेंटर में नहीं जाना पड़ेगा। जो 11 लाख हिंदू असम के डिटेंशन सेंटर में हैं वह फॉरेनर्स एक्ट की वजह से यहां पर रह रहे हैं।

एनआरसी को लेकर बड़ी बात

एनआरसी को लेकर बड़ी बात

पुस्तिका में आगे लिखा गया है कि असम में एनआरसी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू किया गया था, फॉरेनर्स एक्ट को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पास किया था और इसे असम में लागू किया गया था। भाजपा सरकार असम में एनआरसी लेकर नहीं आई है, बल्कि इसके खिलाफ हमने कोर्ट में जाने का फैसला लिया। इसमे आगे कहा गया है कि नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद डिटेंशन सेंटर में बंद 11 लाख हिंदुओं को रिहा किया जाएगा। ऐसा सुना गया है कि बंगाल और असम में दो लगभग दो करोड़ घुसपैठिए हैं। इन लोगों को लिस्ट तैयार करने की जरूरत है।

भाजपा की सफाई

भाजपा की सफाई

इस बारे में जब पश्चिम बंगाल भाजपा में महासचिव सयांतन बासु से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह पुस्तिक हिंदी पुस्तिका का अनुवाद नहीं है। बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर कई भ्रम हैं। लिहाजा एनआरसी को लेकर भ्रम को बंगाली भाषा की पुस्तिका में दूर किया गया है। इसमे लिखा गया है कि एनआरसी को लागू करना केंद्र सरकार का विशेषाधिकार है।

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