बालासोर Train Accident के वो 29 शव, जिन्हें नसीब नहीं हुआ कंधा, पहचान के लिए DNA सैंपल की अपील
बालासोर ट्रेन हादसे के जिन 29 शवों की पहचान नहीं हुई। जिन लोगों ने मृतकों के परिजन होने का दावा किया उनके डीएनए मैच नहीं हुए। इन शवों को भुवनेश्वर एम्स में पांच कंटेनरों में रखा गया है।
ओडिशा ट्रेन हादसे (Balasore Train Accident) में 266 मृतकों के शवों की शिनाख्त की जा चुकी है। लेकिन 29 शव ऐसे जिन्हें भुवनेश्वर एम्स में पिछले 2 महीने से रखा गया है, लेकिन उनकी पहचान अब तक नहीं हो पाई। शवों के शिनाख्त के लिए मृतकों से संबंधित लोंगो के पहचान के लिए डीएनएन सैंपल देने की अपील की जा रही है।
बालासोर में कोरोमंडल एक्सप्रेस के मालगाड़ी से टकराने से हुई मौतों में अधिकतर शवों की पहचान की जा चुकी है, लेकिन 29 शव की शिनाख्त परिजनों के समय से उपलब्ध ना होने की वजह से चांच के पचड़े में पड़ गई। पिछले महीने 29 जुलाई को दो शवों झारखंड के दिनेश यादव और बिहार के सुरेश रे का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इन शवों की पहचान तो हो गई थी लेकिन उनके परिवार वालों ने डेड बॉडी लेने मना कर दिया था। वहीं 29 शव अब भी ऐसे हैं, जिनकी पहचान नहीं हो पाई है।

ईस्ट कोस्ट रेलवे के सीपीआरओ बिस्वजीत साहू ने कहा कि 29 शवों की पहचान अभी भी बाकी है और वे एम्स भुवनेश्वर में हैं, हम जनता से लगातार अपील कर रहे हैं कि वे अपने डीएनए परीक्षण के लिए आगे आएं ताकि अगर परिवार में कोई लापता है, तो वे एम्स में डीएनए दे सकें। कुछ डीएनए सैंपल अभी भी जांच की प्रक्रिया में हैं। कुछ नमूने परीक्षण के लिए गए हैं। शवों की पहचान के लिए ये नियमित चलने वाली प्रक्रिया है।












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