अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण में 'बेबी मफलरमैन' को भी न्योता, जानिए कौन है ये एक साल का बच्चा
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की। 2015 की सफलता को दोहराते हुए अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी ने 70 में से 62 सीटों पर जीत दर्ज की। आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली विधानसभा सीट से 20 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की। रविवार को ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले समारोह में अरविंद केजरीवाल तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वहीं, इस शपथ ग्रहण समारोह में एक खास मेहमान को भी न्योता दिया गया है।
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'बेबी मफलरमैन' को भी भेजा गया न्योता
आप आदमी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस बात का ऐलान किया गया कि 'बेबी मफलरमैन' को भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए न्योता दिया गया है। बता दें कि नतीजे वाले दिन इस 'छोटे केजरीवाल' की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। 'जूनियर केजरीवाल', 'बेबी मफलरमैन', 'छोटा केजरीवाल' और ना जाने इतने नामों से फेमस हो रहे बच्चे का अंदाज सबको आकर्षित कर रहा था।
रविवार को रामलीला मैदान में होगा समारोह
अरविंद केजरीवाल का लुक लिए ये बच्चा, लाल रंग के स्वेटर, मफलर और चश्मे में दिखाई दे रहा था। इस बच्चे का नाम अव्यान तोमर है। मयूर विहार के रहने वाले राहुल तोमर के बेटे अव्यान की उम्र एक साल है। 'जूनियर केजरीवाल' की तस्वीर नतीजे के दिन सोशल मीडिया पर छाई रही। दिल्ली चुनाव में जीत के बाद अरविंद केजरीवाल ने अव्यान से मुलाकात भी की।

तीसरी बार सीएम पद की शपथ लेंगे अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल को बुधवार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। केजरीवाल लगातार तीसरी बार दिल्ली के सीएम बनेंगे। वहीं ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी कैबिनेट में कौन से नए चेहरे शामिल होंगे। पार्टी के सभी बड़े नेताओं और दूसरे कार्यकाल में मंत्री रहे सभी बड़े नामों को इस चुनाव में जीत मिली है। आतिशी मार्लेना, राघव चड्ढा और दिलीप पांडे समेत आम आदमी पार्टी के सभी बड़े चेहरे चुनाव जीतकर आए हैं।

AAP ने किया 62 सीटों पर कब्जा
दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 62 सीटों पर जीत हासिल की। पार्टी ने पिछले चुनावों में 67 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में विपक्षी दल बीजेपी और कांग्रेस कोई खास कमाल नहीं कर सकी। मतों की गिनती के दौरान 25 सीटों पर बढ़त ले जाने के बावजूद, आखिर में भाजपा 2015 की टैली को 3 से आठ तक ही ले जा सकी। इनमें से छह सीटें उत्तर पूर्वी और पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्रों में आती हैं। जबकि कांग्रेस अपना खाता भी ना खोल सकी।












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