भाजपा की सीट सिर्फ बाबा रामदेव ही दिला सकते हैं

एक तरफ भाजपा यह कहती है कि उनकी पार्टी के अंदर वंशवाद या फिर जातिवाद के आधार पर टिकट का वितरण नहीं होता हैं। पूर्व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह तो कई बार बयान दे चुके हैं कि भाजपा के अंदर टिकट वितरण के लिए अलग से कमेटी बनाई गई है और वही इस बात का फैसला भी लेती है। राजनाथ की इन बातों को यदि मान लिया जाए और दूसरी तरफ बाबुल के बयान को भी पकड़ के रखा जाए तो साफ पता चलता है कि बाबा रामदेव भाजपा में काफी 'पावर' रखते हैं।
अगर बाबुल का यह बयान सच है तो यह कहना कतई अतिश्योक्ति नहीं हेागा कि बाबा के ही कहने पर अन्य कई लोगों को लोक सभा का टिकट दिया गया होगा। सारी बातें अपनी जगह सहीं हैं तो फिर भाजपा मीडिया और अन्य पार्टियों के सामने यह ढोंग क्यों करती हैं कि उनके यहां टिकट वितरण की एक प्रणाली है और उसी से होकर गुजरना होता है।
सुप्रियो ने लिखा है कि 28 फरवरी को फ्लाइट में वह बाबा रामदेव के बगल वाली सीट पर बैठे हुए थे। सुप्रियो ने बाबा रामदेव को किसी के साथ टिकट वितरण पर बात करते हुए सुना। सुप्रिया ने बाबा रामदेव से कहा,मैं भी टिकट चाहता हूं। अगर आपने मुझे टिकट नहीं दिया तो मैं मीडिया को बता दूंगा कि आप लोगों को कैसे टिकट दे रहे हैं। इस पर बाबा रामदेव ने अपने निजी सचिव से मेरे नंबर लेने को कहा। इसके बाद 1 मार्च को राकेश नाम के एक शख्स ने कॉल किया, जिसने खुद को आरएसएस का प्रचारक बताया।












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