Makar Sankranti 2022: 'मकर संक्रांति' पर 75 लाख लोग करेंगे 'सूर्य नमस्कार', जानिए इसका लाभ और महत्व
नई दिल्ली, 10 जनवरी। 'मकर संक्रांति' हिंदूओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करने की वजह से इस दिन को मकर संक्रान्ति कहा जाता है। इस दिन भगवान सूर्य की विशेष पूजा अर्चना होती है लेकिन इस बार इस पावन दिन कुछ ऐसा होने जा रहा है, जो कि अपने आप में काफी अनोखा है। दरअसल इस दिन आयुष मंत्रालय वैश्विक स्तर पर 75 लाख लोगों के लिए एक 'ग्लोबल सूर्य नमस्कार' कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है, दूसरे शब्दों में अगर कहा जाए तो 'सूर्य नमस्कार' को भी ग्लोबल बनाने की तैयारी की जा रही है।

योग को धर्म से जोड़ना गलत है
वैसे आपको बता दें कि योग को धर्म से जोड़ना गलत है। योग का सीधा संबंध इंसान के शरीर से होता है। योग की वजह से इंसान का तन-मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। सूर्य ही इस पूरे ब्रह्मांड की ऊर्जा का श्रोत हैं। उनसे निकलने वाली किरणें जितना एक हिंदू को प्रकाश और गर्माहट देती हैं उतना ही एक मु्स्लिम को भी इसलिए जो लोग योग को धर्म से जोड़ते हैं वो गलत जोड़ते हैं।

जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग का संदेश
'मकर संक्रांति' पर 'सूर्य नमस्कार' के जरिए जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग का संदेश दिया जाएगा साथ ही ये भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृति विरासत को भी दर्शाएगा। वैसे आपको बता दें कि 'सूर्य नमस्कार' कठिन योग में गिना जाता है इसे करना आसान नहीं होता है। लेकिन इसको करने से इंसान को चमत्कारिक फायदे होते हैं।

जानिए इसके फायदे के बारे में
- 'सूर्य नमस्कार' करने से इंसान दिन भर ऊर्जावान बना रहता है, उसे थकान या आलस महसूस नहीं होता।
- 'सूर्य नमस्कार' से इंसान का मन शांत रहता है और व्यक्ति सकारात्मक चीजों के बारे में सोचता है।
- 'सूर्य नमस्कार' से उदर के अंगों की स्ट्रेचिंग होती है जिससे पाचन तंत्र सुधरता है।
- 'सूर्य नमस्कार' से इंसान की तोंद भी घटती है।
- 'सूर्य नमस्कार' से डिटॉक्स करने में मदद मिलती है।
- 'सूर्य नमस्कार' से थॉयरायड ग्लैंड की क्रिया नॉर्मल होती है।
- 'सूर्य नमस्कार' 50 पुशअप के बराबर होता है, इससे बॉडी में लचीलापन आता है।
- 'सूर्य नमस्कार' से मांसपेशी और लीगामेंट के साथ रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।
- 'सूर्य नमस्कार' से चेहरे पर झुर्रियां देर से आती हैं और स्किन में ग्लो आता है।
- अगर किसी महिला को अनियमित मासिक चक्र की शिकायत है, तो 'सूर्य नमस्कार' से वो परेशानी दूर होगी।

खास बात
'सूर्य नमस्कार' स्त्री, पुरुष, बच्चे, युवा और वृद्ध सभी कर सकते हैं। ये 12 आसनों में विभाजित है। ये 12 आसनों के नाम निम्नलिखित हैं...
- प्रणामासन
- हस्तोत्थानासन
- उत्तानासन
- अश्व संचालनासन
- चतुरंग दंडासन
- अष्टांग नमस्कार
- भुजंगासन
- अधोमुक्त श्वानासन
- अश्व संचालनासन
- उत्तानासन
- हस्त उत्तानासन
- प्रणामासन

'सूर्य नमस्कार' के वक्त करें इन मंत्रों का जाप
- ॐ मित्राय नमः
- ॐ रवये नमः
- ॐ सूर्याय नमः
- ॐ भानवे नमः
- ॐ खगाय नमः
- ॐ पूष्णे नमः
- ॐ हिरण्यगर्भाय नमः
- ॐ मरीचये नमः
- ॐ सवित्रे नमः
- ॐ आदित्याय नमः
- ॐ भास्कराय नमः
- ॐ अर्काय नमः












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