सोने जैसी ना होकर काली क्यों है रामलला की मूर्ति? जानिये इसके पीछे की दिलचस्प वजह...
Ramlala Idol: श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा पूरी हो चुकी है। पूरी अयोध्या भगवान राम के नारों से जगमगा रही है। इस बीच हर किसी की नजर श्रीराम की उस मूर्ति पर है, जो बाल स्वरूप में राममंदिर में विराजमान है। ऐसे में सबके मन में बस एक ही सवाल घूम रहा है, वो ये कि भगवान राम की ये मूर्ति काले रंग की ही क्यों है?
श्यामल रूप में होती है पूजा
बताते चलें कि महर्षि वाल्मिकी ने रामायण में श्रीराम के श्यामल रूप का वर्णन किया है। यही वजह है कि भगवान राम को श्यामल रूप में पूजा जाता है। अब अगर बात करें भगवान श्रीराम की मूर्ति के बारे में तो ये भी बेहद अलग है। इस मूर्ति को बेहद खास तरीके से बनाया गया है।

खास ये भगवान राम की मूर्ति
दरअसल, भगवान राम की जो मूर्ति बनाई गई है, वो श्याम शिला के पत्थर से बनाई गई है। ये बेहद खास पत्थर है। खास बात है कि इस श्याम शिला की आयु हजारों सालों की मानी जाती है। यही कारण है कि ये मूर्ति हजारों-हजारों सालों तक यूं ही बना रहेगी। इसमें किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हिंदू धर्म की खास मान्यता
एक वजह ये भी है कि हिंदू धर्म में पूजा के दौरान अभिषेक का बेहद महत्व होता है। ऐसे में जल, चंदन, रोली या फिर दूध जैसी चीजों का अभिषेक करने के बाद भी इस मूर्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
बालस्वरूप में पूजे जाते हैं राम
अगर बात करें इस मूर्ति के बालस्वरूप में होने के बारे में तो मान्यता है कि जन्मभूमि में बालस्वरूप ही पूजा जाता है। यही कारण है कि भगवान श्रीराम की मूर्ति भी बाल स्वरूप में ही बनाई गई है।












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