वंदे भारत मिशन के तहत कई देश मांग रहे अपने विमानों के लिए इजाजत: उड्डयन मंत्रालय
वंदे भारत मिशन के तहत कई देशों ने मांगी अपने विमानों के लिए अनुमति
नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया है कि कई देश वंदे भारत मिशन के तहत अपने विमानों की सेवा देना चाहते हैं। कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए भारत सरकार और एयर इंडिया मिलकर वंदे भारत मिशन के तहत काम कर रहे हैं। उड्डयन मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी सहित कई देशों से अनुरोध प्राप्त हुआ कि वो अपने विमान वंदे भारत मिशन के तहत सेवा देने के लिए इजाजत चाहते हैं।

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कोरोना वायरस महामारी के बाद विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए एयर इंडिया के सहयोग से सरकार ने 6 मई को वंदे भारत मिशन की शुरुआत की थी। भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ानें चला रहा है। अभी तक 389 उड़ानों में दुनिया भर से करीब एक लाख भारतीयों को वापस लाया गया है।
बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए भारत सरकार की ओर से वंदे भारत मिशन के तहत चलाई जा रही उड़ानों पर अमेरिका ने रोक लगा दी है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि भारत में उनकी विमानन कंपनियों के साथ भेदभाव हो रहा है। इसलिए वो वंदेभारत मिशन के तहत चल रही एयर इंडिया की उड़ानों को बैन कर रहे हैं। आदेश में कहा गया है कि हम यह कदम इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि भारत सरकार अमेरिकी विमानन कंपनियों को लेकर भेदभाव किया है।
अमेरिकी सरकार के परिवहन विभाग का कहना है कि एयर इंडिया भारत के नागरिकों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ानें भी चला रही है और आम यात्रियों को टिकट भी बेच रही है। इससे अमेरिकी विमानन कंपनियों का प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान हो रहा है। कहा गया है कि भारत जब अमेरिकी विमानन कंपनियों पर से प्रतिबंध हटा लेगा, तब अमेरिका का परिवहन विभाग भारत पर लगाए गए इन नए प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करेगा।












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