केजरीवाल के निजी दौरे पर 'वायरस' आशुतोष का अटैक

BJP AAP clash
नई दिल्ली (ब्यूरो)। अरविंद केजरीवाल निकले थे गुजरात का दौरा करने, लेकिन उन पर उन्हीं की पार्टी में मौजूद लोगों ने हमला बोल दिया। हमने हेडलाइन में वायरस शब्द का इस्तेमाल किया है, असल में वो संज्ञा भाजपा की नेत्री मीनाक्षी लेखी ने दी है। और कल जो कुछ हुआ उसके कर्णधार आशुतोष रहे और नुकसान पूरी पार्टी को हुआ।

सबसे पहले हम आपको ले चलते हैं आशुतोष के इस ट्वीट पर जिसमें उन्होंने लिखा, "गुजरात में केजरीवाल की गिरफ्तारी से यह सिद्ध हो गया है कि मोदी आम आदमी पार्टी से डर गये हैं। और उन्हें यह भी लगता है कि गुजरात पर खतरा मंडरा रहा है।" थोड़ी ही देर बाद "भारत के लोक तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे, केजरीवाल गुजरात में अपने निजी दौरे पर हैं, गुजरात के विकास मॉडल का अध्ययन करने के लिये।"

अब सवाल यह उठता है कि अगर यह केजरीवाल का निजी दौरा था, तो कानपुर के रामलीला मैदान में उन्होंने रैली के वक्त जनता से क्यों कहा था कि वो गुजरात जा रहे हैं, जाकर देखेंगे कि मोदी ने गुजरात में कितना विकास किया है। अगर वाकई में केजरीवाल के निजी दौरे ऐसे ही होते हैं, तो किसी शादी ब्याह में जाने से पहले वो रैली में ऐलान क्यों नहीं करते हैं।

आचार संहिता लागू होने के बाद 20 वाहनों का काफिला लेकर बिना पुलिस की इजाजत के चलना मना है, खैर चलिये एक बार अगर पुलिस इजाजत दे भी देती, तो 20 वाहनों में कौन लोग सवार थे? अशुतोष का कहना है कि केजरीवाल गुजरात के विकास मॉडल का अध्ययन करने जा रहे थे, तो हम पूछना चाहते हैं कि इस अध्ययन करने के लिये क्या 20 वाहनों में सवार लोग रिसर्च स्कॉलर थे?

लखनऊ तक आग कैसे फैली

आशुतोष ने जिस प्रकार एक के बाद एक ट्वीट किये, उससे आप के कार्यकर्ताओं में गुस्सा फैल गया और हिंसा की आग दिल्ली से लखनऊ और फिर इलाहाबाद व अन्य शहरों तक फैल गई। सच पूछिए तो इस आग को फैलाने में आशुतोष का बहुत बड़ा हाथ रहा, जिन्होंने ट्व‍िटर को हथ‍ियार बनाया और घायल हुए आप कार्यकर्ताओं की तस्वीरें ट्वीट करनी शुरू कर दीं।

जरा सोचिये अगर देश के किसी हिस्से में अगर कोई सांप्रदायिक हिंसा हो और इस तरह से घायलों व मारपीट की की तस्वीरें ट्वीट की जायें, तो संवेदनशील शहरों में अराजकता फैलने में कितना समय लगेगा। आशुतोश ट्वीट करते वक्त ये भूल गये कि वो उन जिम्मेदार नागरिकों में से एक हैं, जिनसे तमाम लोगों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

आशुतोष को बोला वायरस

भारतीय जनता पार्टी की नेता व राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कल की वारदात के जिम्मेदार आशुतोष गुप्ता हैं। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि आशुतोष पत्रकारिता को गंदा करने वाले वायरस हैं, जो अब चुनाव के माहौल को गंदा कर रहे हैं।

खराब हुई आप की छवि

सच पूछिए तो इस घटना से भारतीय जनता पार्टी की नहीं, बल्क‍ि आम आदमी पार्टी की छवि खराब हुई है। हिंसा की शुरुआत पहले किसने की, यह तो जांच का विषय है, लेकिन अगर केजरीवाल को गुजरात पुलिस ने रोका था तो उसका विरोध करने के लिये दिल्ली में भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन करने का क्या औचित्य था। आप के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष ने तब यह नहीं सोचा कि भाजपा की दिल्ली इकाई गुजरात पुलिस को गवर्न नहीं करती है।

इस आग के उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फैलने से जनता के बीच सीधा संदेश गया कि अब आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में कोई फर्क नहीं रह गया। यह सब जानते हैं कि आप के कार्यकर्ताओं ने हिंसा की शुरुआत पहले नहीं की, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि भाजपा जनता को यह विश्वास दिलाने में पूरी तरह कामयाब हो गई है कि हिंसा आप की ओर से हुई, क्योंकि भाजपा कार्यकर्ता अपने कार्यालय से बाहर निकल कर किसी से झगड़ा करने नहीं गये।

Did You Know: आशुतोष जेएनयू के पेरियार हॉस्टल के प्रेसिडेंट रह चुके हैं। उस दौरान उनके साथ रहे लोगों के अनुसार उनकी सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि वो जरूरत से ज्यादा भावुक व्यक्‍ित हैं। भावनाओं में बहकर कई बार वो राजनीतिक मामलों में फेल हो जाते हैं या फिर उन्मादी बन जाते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+