असुर के चुनाव में होंगे ऊंचे सुर!
झारखंड। झारखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में दूर दराज के जंगल से आने वाले आदिम जनजाति के समुदाय का एक व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। फिर चाहे उसके पास चुनवा लड़ने और प्रचार के लिए महज दस हजार रुपए ही हैं। लेकिन हौसला इतना है कि उसने चुनावी मैदान में अपने सुरों को गूंजने पर मजबूर कर दिया है।

झारखंड के सुदूर जंगल-पहाड़ में रहने वाले आदिम जनजाति के युवा विमल असुर ने विधानसभा चुानव लड़ने के लिए बिगुल फूंक दिया है। विमल असुर का दावा है कि वह अपनी जाति के पहले युवा हैं जो चुनाव लड़ने की हिम्मत जुटा पाया है।
उन्होंने बताया कि उनके पास प्रचार और चुनाव लड़ने के लिए महज दस हजार रुपए ही हैं। उन्होंने यह पैसे पांच साल में जमा किए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर चुनाव में उनको जरूरत पड़ी तो वह अपनी जमीन को गिरवी रखेंगे।
झारखंड में विधानसभा की 81 में से 28 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए सुरक्षित हैं. इन्हीं में शामिल है गुमला ज़िले का विशुनपुर विधानसभा क्षेत्र, जहां से विमल असुर चुनाव लड़ रहे हैं.












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