असम: भारी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था स्कूल, मदद के लिए 2000 दूधियों ने मिलाया हाथ

असम की सीताजाखला दुग्ध सहकारी समिति के 2000 दूधवाले एक नेक कार्य के लिए आगे आए हैं। राज्य के मोरीगांव जिले के एक स्कूल की मदद करने के लिए दूधियों ने अपनी आय का एक हिस्सा दान करने का निर्णय लिया है।

दिसपुर, 12 अगस्त। असम की सीताजाखला दुग्ध सहकारी समिति के 2000 दूधवाले एक नेक कार्य के लिए आगे आए हैं। राज्य के मोरीगांव जिले के एक स्कूल की मदद करने के लिए दूधियों ने अपनी आय का एक हिस्सा दान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रत्येक लीटर दूध की बिक्री से 15 पैसे स्कूल के उच्च माध्यमिक हिस्से को दान में देने का फैसला किया है। बता दें कि यह स्कूल का उच्च माध्यमिक भाग पैसे की कमी से जूझ रहा है और सरकार ने स्कूल के इस हिस्से के लिए कोई फंड मुहैया नहीं कराया है।

milkman

अध्यक्ष रंजीब सरमा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारे दूधियों के बच्चे स्कूल के छात्र हैं। उन्होंने कहा कि 1986 में स्कूल 10वीं तक सरकारी हो गया था, लेकिन 11वीं और 12वीं अभी तक सरकारी नहीं हो पाए और इन कक्षाओं का संचालन प्राइवेट तौर पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह भाग भारी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसकी वजह से बच्चों के अभिभावक परेशान हो गए थे, इनमें से ज्यादातर बच्चों के पिता दूधिये हैं। आर्थिक तंगी को देखते हुए इन अभिभावकों ने अपनी कमाई का एक हिस्सा स्कूल को दान देने का निर्णय लिया ताकि कक्षाओं का संचालन भलि-भांति हो सके।

यह भी पढ़ें: पेरिस ओलंपिक तक लवलीना को हर महीने एक लाख रुपये देगी असम सरकार, DSP पद का भी ऑफर

सोसाइटी ने स्कूल को थमाया चेक
सीताजाखला दुग्ध सहकारी समिति राज्य की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी दुग्ध समितियों में से एक है। सोसायटी ने हाल ही में स्कूल के सीनियर सेकेंडरी विंग संचालन के लिए 1 लाख रुपये का चेक सौंपा है।

स्कूल के सरकारी होने तक देंगे दान
स्कूल के अध्यक्ष ने बता की दूधियों ने स्कूल को तब तक दान देने का निर्णय लिया है जब तक की यह पूरी तरह सरकारी नहीं हो जाता, यानि जब तक 11वीं और 12वीं की कक्षाएं सरकारी नहीं हो जातीं। दुग्ध सहकारी समिति हर साल 1 लाख रुपए का दान करेगी। छात्रों के अभिभावक स्कूल से छात्रों के लिए कृषि में परिचयात्मक व्यावसायिक पाठ्यक्रम खोलने का आग्रह कर रहे हैं। स्कूल के प्रधानाध्यापक उत्तम डेका ने छात्रों से गोभा आदिवासी बेल्ट के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के प्रयास का समर्थन करने की अपील की।

प्रधानाध्यापक ने जताया दूधियों का आभार
प्रधानअध्यापक ने इस आर्थिक सहायता के लिए दूधियों का आभार व्यक्त किया है और कहा कि इससे स्कूल को और अधिक समय तक चलाने में मदद मिलेगी। वहीं दुग्ध सोसायटी के अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान उनकी आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं रही।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+