Assam Politics: 'CM की पत्नी के पास मुस्लिम देश का पासपोर्ट?', हिमंत ने Toolkit का जिक्र कर किया पर्दाफाश
Himanta Biswa Sarma Riniki Bhuyan Sharma: असम की राजनीति में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप का ऐसा दौर चल रहा है, जिसने चुनावी माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया है कि सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के मुस्लिम देश समेत 3 देशों के पासपोर्ट हैं। विदेशों में उनका बिजनेस है, जिसका खुलासा नहीं किया गया है। इस आरोप के बाद सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने एक के बाद एक बयान देकर न सिर्फ कांग्रेस पर हमला बोला, बल्कि एक ऐसा डिजिटल पलटवार किया, जिसकी चर्चा अब राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। पवन खेड़ा का दावा है कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास यूएई, एंटीगुआ और बारबुडा, और मिस्र का पासपोर्ट है।

"फर्जी कंपनी" के आरोप और CM का डिजिटल जवाब
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेताओं ने सीएम सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के नाम पर कथित फर्जी कंपनी और विदेशी लिंक के आरोप लगाए। इसके जवाब में हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला ट्वीट किया।
उन्होंने लिखा कि जिस "टूलकिट" का इस्तेमाल कांग्रेस ने उनकी पत्नी के नाम पर फर्जी कंपनी बनाने के लिए किया, उसी तरह उन्होंने भी एक LLP कंपनी रजिस्टर कर ली है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा-"टेक्नोलॉजी सिर्फ कांग्रेस के पास नहीं है, हमारे पास भी है। 'GauravElizabeth786' को नमस्ते कहिए।" सीएम सरमा का यह बयान साफ संकेत देता है कि वे इन आरोपों को राजनीतिक साजिश और डिजिटल मैनिपुलेशन का हिस्सा मानते हैं।
रिनिकी भुइयां सरमा बोलीं-कांग्रेस की AI जेनरेशन और फोटोशॉपिंग में भी कमी रह गई
सीएम सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने आरोपों पर जवाब देते हुए एक्स पोस्ट में लिखा,
''आपकी सिर्फ तपस्या में ही नहीं, AI जेनरेशन और फोटोशॉपिंग में भी कमी रह गई। मुझे उम्मीद थी कि एक नेशनल पार्टी का स्पोक्सपर्सन बेसिक ड्यू डिलिजेंस करेगा, न कि मनगढ़ंत पासपोर्ट और डॉक्यूमेंट्स की खराब इमेज सर्कुलेट करेगा। अब मैं कानून को अपना काम करने दूंगी। क्रिमिनल चार्ज लगाए जा रहे हैं। हम इसे कोर्ट में जारी रखेंगे।''
पाकिस्तान कनेक्शन का आरोप
हिमंत बिस्वा सरमा ने इस विवाद को और गंभीर बनाते हुए कांग्रेस पर पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया ग्रुप्स की मदद लेने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में पवन खेड़ा और गौरव गोगोई द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस की सामग्री एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया नेटवर्क से आई थी।
सीएम सरमा के मुताबिक, पिछले 10 दिनों में पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर असम चुनाव को लेकर कम से कम 11 डिबेट शो हुए, जिनमें कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यह पहले कभी नहीं देखा गया और यह "चिंताजनक ट्रेंड" है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस पूरे मामले की जांच कानून प्रवर्तन एजेंसियां जरूर करेंगी और अगर इसमें कोई विदेशी दखल पाया गया, तो सख्त कार्रवाई होगी।
हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी ने की FIR
इस विवाद के बीच सीएम सरमा ने बताया कि उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने आरोपों के खिलाफ FIR दर्ज करा दी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरोप लगाता है, तो उस पर IPC की धारा 420 और 468 के तहत मामला बनता है।
CM ने यह भी स्पष्ट किया कि नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) में भी ऐसे मामलों के लिए कड़े प्रावधान हैं। खास तौर पर अगर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया जाता है, तो इसमें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
कांग्रेस का पलटवार
इन आरोपों के जवाब में कांग्रेस ने भी जोरदार हमला बोला। गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा लंबे समय से "झूठ बोलते आ रहे हैं" और अब कांग्रेस उनके परिवार की संपत्ति और विदेशों में कारोबार से जुड़े तथ्यों को उजागर करेगी।
गोगोई ने सीधे सवाल किए-क्या CM के परिवार के पास दुबई में "गोल्ड कार्ड" है? क्या उनके परिवार की वहां संपत्ति है? क्या इन संपत्तियों की जानकारी चुनावी हलफनामे में दी गई थी? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो CM के परिवार के "अवैध कारोबार" और "विदेशी कनेक्शन" की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चुनावी माहौल और बढ़ती सियासत
असम में चुनावी माहौल के बीच यह विवाद और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। एक तरफ सीएम सरमा विदेशी साजिश और डिजिटल फेक नैरेटिव की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस उनके परिवार की संपत्ति और पारदर्शिता पर सवाल उठा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप चुनावी रणनीति का हिस्सा होते हैं, लेकिन इस बार मामला "विदेशी दखल" और "फर्जी दस्तावेज" जैसे गंभीर मुद्दों तक पहुंच गया है।
क्या है असली सवाल?
इस पूरे विवाद के केंद्र में दो बड़े सवाल हैं, पहला, क्या वाकई CM के परिवार के खिलाफ लगाए गए आरोपों में सच्चाई है या यह सिर्फ चुनावी रणनीति है? दूसरा, क्या विदेशी सोशल मीडिया नेटवर्क्स भारतीय चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं? इन सवालों के जवाब अब जांच एजेंसियों और अदालत की प्रक्रिया से ही सामने आएंगे।
असम की राजनीति में यह मामला अब सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें डिजिटल टूलकिट, विदेशी कनेक्शन और कानूनी कार्रवाई जैसे कई गंभीर पहलू जुड़ गए हैं। हिमंत बिस्वा सरमा का 'GauravElizabeth786' वाला तंज हो या कांग्रेस का पलटवार दोनों ही इस बात का संकेत हैं कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने वाला है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और चुनावी राजनीति पर इसका क्या असर पड़ता है।












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