Assam Padma Shri 2026: बीजेपी के 'भीष्म पितामह' कबिंद्र पुरकायस्थ समेत 5 दिग्गजों को पद्मश्री, देखें लिस्ट
Assam Padma Shri 2026: असम के लोगों को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर खुशी की बड़ी वजह मिल गई है। इस साल सरकार ने जब पद्म पुरस्कारों की सूची जारी की, तो इसमें प्रदेश की 5 प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और असम में पार्टी के 'भीष्म पितामह' कहे जाने वाले कबिंद्र पुरकायस्थ (1931-2026) भी हैं। वरिष्ठ बीजेपी नेता को मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उनके साथ कला और कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चार अन्य नाम भी इस सूची में शामिल हैं।
कबिंद्र पुरकायस्थ का निधन इसी महीने की 7 जनवरी को हुआ था। पीएम मोदी, सीएम हिमंता बिस्वा सरमा समेत कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। अब सरकार ने पद्मश्री के सम्मान से नवाजकर प्रदेश के सीनियर नेता के योगदान को सम्मानित किया है।

Kabindra Purkayastha पूर्वोत्तर में थे बीजेपी की सबसे बड़ी आवाज
कबिंद्र पुरकायस्थ असम में भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उन्होंने पूर्वोत्तर भारत में पार्टी की वैचारिक उद्देश्य को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया था। उन्हें पार्टी को प्रदेश ही नहीं बल्कि पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों में भी संगठन मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। उनका जीवन सादगी और विचारों पर अडिग रहने की क्षमता की मिसाल था। राजनीति में आने से पहले वे एक शिक्षक और प्रधानाचार्य थे, जो उनके जीवन के अनुशासन और समाजसेवा की सोच को दर्शाता है।
BJP के दिग्गज नेताओं में शुमार थे कबिंद्र पुरकायस्थ
कबिंद्र पुरकायस्थ को असम में बीजेपी का भीष्म पितामह कहा जाता है। असम के सिलचर लोकसभा क्षेत्र से तीन बार (1991, 1998 और 2009) सांसद के रूप में देश का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा, अटल बिहारी वाजपेयी सरकार (1998-1999) में वे केंद्रीय संचार राज्य मंत्री भी रहे। उनकी शैक्षणिक सेवाओं और सामाजिक योगदान के लिए उन्हें 2024 में असम विश्वविद्यालय ने मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया था।
Assam Padma Shri 2026: इस साल असम की 5 हस्तियों को मिला सम्मान
2026 में पद्म श्री पाने वाले असम के अन्य चार व्यक्तित्व भी अपने-अपने क्षेत्रों के दिग्गज हैं:
हरिचरण सैकिया (कला): 'सत्रिया' नृत्य के संरक्षण और प्रचार में योगदान।
जोगेश देउरी (कृषि): सिल्क पार्क के माध्यम से 'एरी' और 'मूंगा' रेशम को नई पहचान दिलाई।
नूरुद्दीन अहमद (कला): थिएटर निर्देशक और डिज़ाइनर के रूप में उल्लेखनीय कार्य।
पोखिला लेकथेपी (कला): कारबी लोक गायिका, जिन्होंने जनजातीय संगीत को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।












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