शिव का रूप धर मोदी सरकार का विरोध करने पर गिरफ्तारी, CM हिमंता बोले- ये ईशनिंदा नहीं

असम में नुक्कड़ नाटक में भगवान शिव का किरदार निभाने वाले शख्स को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार शख्स पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है। जानिए पूरा मामला

नगांव (असम), 10 जुलाई : पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी से धार्मिक भावनाओं के आहत होने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि असम से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक असम के नगांव में नुक्कड़ नाटक के दौरान एक व्यक्ति पर धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे हैं। नगांव पुलिस ने अभिनय करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार (assam lord shiva street play) कर लिया। भाजपा का कहना है कि नुक्कड़ नाटक में इस शख्स ने भगवान शिव के किरदार में ईंघन की बढ़ती कीमतों का विरोध किया, इससे आस्था को ठेस पहुंची है। भाजपा के मुताबिक सरकार का विरोध करने के और भी तरीके अपनाए जा सकते हैं। शनिवार को हुई गिरफ्तारी के बाद रविवार को पुलिस ने शख्स को रिहा कर दिया। इस मामले में CM हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि ये मामला ईशनिंदा जैसा नहीं लगता।

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    Assam की सड़कों पर प्रकट हुए Shiva Parvati!, Bajrang Dal ने करा दी FIR | वनइंडिया हिंदी | *News
    नुक्कड़ नाटक में भगवान शिव !

    नुक्कड़ नाटक में भगवान शिव !

    असम के नगांव में नुक्कड़ नाटक में भगवान शिव की भूमिका निभाने वाला व्यक्ति धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार हुआ है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक सदर थाना प्रभारी मनोज राजवंशी ने बताया, गिरफ्तार किए गए आरोपी जिसने भगवान शिव के वेश में नुक्कड़ नाटक किया, उसे अदालत में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2 अन्य लोगों के भी इस कृत्य में शामिल होने का संदेह है। हालांकि, इन लोगों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।

    भगवान के किरदार में विरोध स्वीकार नहीं : भाजपा

    भगवान के किरदार में विरोध स्वीकार नहीं : भाजपा

    बीजेपी आईटी सेल के संयोजक शाहिंदर कुमार (Sahinder Kumar) ने कहा, नुक्कड़ नाटक करने वालों नेभगवान शिव और देवी पार्वती का वेश धारण किया। बकौल पारीक, यदि आप विरोध करना चाहते हैं, तो बैठो और करो। हम देवताओं के रूप में तैयार होने के उनके कृत्य का समर्थन नहीं करते हैं। इसलिए भाजपा ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। इससे पहले ANI ने शिकायत करने वाले शख्स का नाम भाजपा कार्यकर्ता राजा पारीक बताया था।

    मोदी सरकार का विरोध, CM हिमंता ने कहा- ईशनिंदा नहीं

    मोदी सरकार का विरोध, CM हिमंता ने कहा- ईशनिंदा नहीं

    भाजपा कार्यकर्ता शाहिंदर का आरोप है कि गिरफ्तार व्यक्ति अपने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ईंधन की बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी का विरोध कर रहा था। हालांकि, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने नगांव के नुक्कड़ नाटक प्रकरम को 'ईशनिंदा' जैसा नहीं बताया है। उन्होंने एडवोकेट नवरूप सिंह की टिप्पणी के बाद उन्हें जवाब दिया कि वे उनसे सहमत हैं। करेंट इश्यू पर नुक्कड़ नाटक ईशनिंदा जैसा मामला नहीं। उन्होंने कहा कि जब तक भड़काऊ बातें न कही जाएं, किसी का वेश धारण करना क्राइम नहीं है। नगांव पुलिस को निर्देश दिए गए हैं।

    अभिनेता रिहा, पुलिस को एक्ट्रेस की तलाश

    अभिनेता रिहा, पुलिस को एक्ट्रेस की तलाश

    असम पुलिस के अनुसार, अभिनेता बिरिंची बोरा ने जो भगवान शिव का किरदार निभाया, जबकि पार्वती का अभिनय परिश्मिता ने किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नगांव शहर की एक सड़क पर नुक्कड़ नाटक का मंचन करते हुए दोनों ने मोदी सरकार की जमकर आलोचना की। नुक्कड़ नाटक के बाद, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भारतीय जनता युवा मोर्चा सहित कई संगठनों की स्थानीय इकाइयों ने नगांव सदर पुलिस स्टेशन में अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई। दोनों अभिनेताओं पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा है।

    जमानती धाराओं के तहत मामले

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नगांव की पुलिस अधीक्षक लीना डोले ने बताया, "शिकायतों के आधार पर, हमने धार्मिक भावनाओं को आहत करने, महिलाओं के अभद्र प्रतिनिधित्व और यातायात नियमों का उल्लंघन करने के लिए आईपीसी और मोटर वाहन अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।" उन्होंने बताया, भगवान शिव का किरदार निभाने वाले अभिनेता को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन जिन धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे, वे जमानती हैं, इसलिए उन्हें रविवार को रिहा कर दिया गया। पुलिस अभिनेत्री परिश्मिता की तलाश कर रही है।

    महंगाई की मार से जनता बेहाल

    महंगाई की मार से जनता बेहाल

    बता दें कि ईंधन की कीमतों में लगातार उछाल के कारण घरेलू गैस की कीमतें भी बढ़ रही हैं। पेट्रोल-डीजल महंगा होने के कारण ट्रांसपोर्टिंग कॉस्ट बढ़ रहा है, नतीजतन तमाम सामानों की कीमतो में भी उछाल देखा जा रहा है। बता दें कि हाल ही में घरेली गैस की कीमतें 50 रुपये प्रति सिलिंडर बढ़ाई गई हैं।

    धार्मिक भावनाएं आहत होना

    धार्मिक भावनाएं आहत होना

    बता दें कि गत दिनों धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने का एक और मामला भी भगवान शिव से जुड़ा रहा। इस मामले में वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद पर हो रही एक टीवी डिबेट के दौरान भाजपा नेता नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक बयान दिया। इसके बाद देश के कई शहरों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। मामला यहां तक बढ़ा कि राजस्थान के उदयपुर और महाराष्ट्र के अमरावती में नूपुर शर्मा के समर्थन में कथित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दो लोगों की हत्या कर दी गई। जान को खतरा बताकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं नूपुर को देश की सबसे बड़ी अदालत ने फटकार लगाई थी। कोर्ट ने एक तल्ख टिप्पणी में नूपुर शर्मा को हिंसा का कारण करार दिया था।

    जुबैर ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई ?

    जुबैर ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई ?

    इसके अलावा धार्मिक भावनाओं के आहत होने का दूसरा मामला फैक्ट चेक वेबसाइट से सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर से जुड़ा है। 2018 में किए गए एक ट्वीट के आधार पर उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे हैं। जुबैर ने 30-40 साल पहले एक फिल्म में इस्तेमाल की गई होटल के बोर्ड को ट्वीट किया था। कहा गया कि उन्होंने 'हनीमून और हनुमान' को जोड़कर पेश किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। जुबैर फिलहाल एनआईए की हिरासत में हैं।

    Kaali Poster से धार्मिक भावनाओं को ठेस ?

    Kaali Poster से धार्मिक भावनाओं को ठेस ?

    धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का एक और मामला Kaali Documentary से जुड़ा है। काली डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली महिला निर्देश लीना मणिमेकलाई (Leena Manimekalai) पर आरोप लगा है कि उन्होंने देवी काली को गलत तरीके से पेश किया है। लीना की फिल्म काली में, मां काली का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री सिगरेट पीते देखी गईं। देवी के पीछे लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर, क्वीर (LGBTQ) का संकेत देने वाला इंद्रधनुषी झंडा भी देखा गया। Kaali के पोस्टर पर भड़के अयोध्या के पुजारी ने काली को सिर कलम करने की धमकी भी दे डाली।

    Kaali पोस्टर विवाद : TMC सांसद पर आरोप

    Kaali पोस्टर विवाद : TMC सांसद पर आरोप

    Kaali Documentary प्रकरण में एक सवाल पर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा था कि ताराचंडी में मां काली के मंदिर में मांस का भोग लगता है। कुछ मंदिरों में मां काली को व्हिस्की का भोग लगाया जाता है। इस पर महुआ के खिलाफ भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

    क्या लगातार घट रहे नौकरी के अवसर ?

    क्या लगातार घट रहे नौकरी के अवसर ?

    बढ़ती महंगाई के साथ-साथ नौकरियों के अवसर कम होना भी एक चिंताजनक पहलू है। अनइम्पलॉयमेंट पर इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के आंकड़ों में दावा किया गया है कि भारत में बेरोजगारी दर मई में 7.1% थी, लेकिन अनइम्पलॉयमेंट रेट जून में बढ़कर 7.8% हो गई। ग्रामीण भारत में ग्रामीण बेरोजगारी 1.4 प्रतिशत अंक बढ़कर 8% हो गई, जबकि शहरी भारत में बेरोजगारी दर 0.9 प्रतिशत अंक घटकर 7.3% हो गई। शहर में घटी बेरोजगारी दर से संकेत मिलता है कि 16 महीने में नौकरियों के अवसर में मामूली सुधार हुआ है। बता दें कि कोरोना महामारी के दौर में करोड़ों लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

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