जिग्नेश मेवाणी की जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची असम सरकार, निचली अदालत के फैसले को बताया गलत

गुवाहटी, मई 02। गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी की जमानत के खिलाफ असर की सरकार ने हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है। आपको बता दें कि निचली अदालत ने जिग्नेश मेवाणी को एक मामले में जमानत दे दी थी, लेकिन राज्य सरकार ने इस फैसले को अनुचित कहते हुए इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है। यह जानकारी सोमवार को असम सरकार के अधिवक्ता देबोजीत सैकिया ने दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मेवाणी को मिली जमानत को चुनौती देने का फैसला किया है।

Jignesh Mevani

'निचली अदालत का फैसला पुलिस का मनोबल गिराएगा'

देबोजीत सौकिया ने बताया कि निचली अदालत ने एक आदेश पारित किया जहां उन्होंने न केवल जिग्नेश मेवाणी को जमानत दी, बल्कि असम पुलिस के साथ-साथ असम राज्य के खिलाफ कुछ टिप्पणियां भी पारित कीं, जिसमें आशंका है कि असम एक पुलिस राज्य बन सकता है। उन्होंने कहा कि निचली अदालत का फैसला पुलिस के मनोबल को तोड़ने वाला है, इसलिए असम सरकार गुवाहटी हाईकोर्ट के समक्ष निचली अदालत के फैसले को चुनौती देगी।

जिग्नेश को हाईकोर्ट ने भेजा नोटिस

देवजीत सैकिया ने कहा कि जिग्नेश मेवाणी को निचली अदालत ने जो जमानत दी थी, उस फैसले ने असम पुलिस के हित और कामकाज के साथ-साथ राज्य सरकार की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाया है। हाईकोर्ट ने भी बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि जिला और सत्र न्यायाधीश को इस तरह के फैसले देने का कोई अधिकार नहीं था। हाईकोर्ट ने जिग्नेश मेवाणी को 27 मई को मामले की आगे की सुनवाई के लिए एक नोटिस भी जारी कर दिया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+