बाल विवाह खत्म करने पर अडिग हैं असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, गिरफ्तारी का सेट किया टारगेट
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाल विवाह को पूरी तरह से मिटाने के लिए अगले 10 दिनों 2 से 3 हजार लोगों के गिरफ्तार किए जाने की बात कही है। उन्होंने बाल विवाह के खिलाफ अभियान के दूसरे चरण को लेकर यह घोषणा की है।
सीएम सरमा ने रविवार को बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए लड़कियों के शोषण को लेकर अपनी गंभीर चिंता जाहिर की थी। गौरतलब है कि असम में अभी बाल विवाह और बहुविवाह के खिलाफ अभियान बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है।

10 दिनों में 2,000 से 3,000 की गिरफ्तारी का टारगेट
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, 'पांच महीने पहले हमने बाल विवाह के मामलों में 5,000 लोगों को गिरफ्तार किया था। अगले 10 दिनों में 2,000 से 3,000 लोग और गिरफ्तार किए जाएंगे। इसे (बाल विवाह) रोकना होगा।'
'हम चाहते हैं कि महिलाओं को शोषण से आजादी मिले'
उन्होंने बताया कि राज्य में बाल विवाह के कानून हैं, फिर भी यह समस्या जारी है और अगर लड़कियों का शोषण इसी तरह जारी रहा तो वो कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगी। असम के मुख्यमंत्री बोले, 'कुछ लोग कहते हैं कि मैं मुस्लिम-विरोधी हूं। हालांकि, मुझे लगता है कि बाल विवाह और बहुविवाह रोकने के लिए कांग्रेस ने उतना काम नहीं किया है, जितना मैंने किया है। आपने (कांग्रेस)मुस्लिम समाज को अपना वोट बैंक बनाया। लेकिन, हम चाहते हैं कि महिलाओं को शोषण से आजादी मिले।'
विधानसभा में भी बाल विवाह पर कार्रवाई का ब्योरा दिया
हालांकि, सोमवार को राज्य विधानसभा में उन्होंने कहा कि बाल विवाह के मामलों में पिछले पांच वर्षों में राज्य में कुल मिलाकर 3,907 लोग (यह आंकड़ा पहले बताए गए आंकड़े से कम है) गिरफ्तार किए गए। उन्होंने कहा कि इनमें से 3,319 लोगों को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज ऐक्ट (POCSO act) के तहत गिरफ्तार किया गया और 62 लोगों को अदालत से दोषी ठहराए जाने के बाद सजा दी गई।
बहुविवाह के खिलाफ कानून लाने की है तैयारी
जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई उनमें से अधिकतर मुसलमान हैं। हालांकि, गिरफ्तार लोगों में हिंदू और अन्य समुदाय के लोग भी शामिल हैं। बाल विवाह के साथ ही असम सरकार राज्य से बहुविवाह कुप्रथा को खत्म करने की भी कोशिशों में जुटी है। इसने बहुविवाह के खिलाफ प्रस्तावित कानून का मसौदा तैयार करने के लिए एडवोकेट जनरल, कानूनी सलाहकार और डीजीपी की सदस्यता वाली तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
मुख्यमंत्री सरमा को उम्मीद है कि इस साल दिसंबर तक वह बहुविवाह के खिलाफ नए कानून को लागू कर सकेंगे। इससे पहले सरकार ने जनता से भी इसपर उनकी राय मांगी थी। कुल मिलाकर 149 लोगों और संगठनों ने इसको लेकर अपनी राय दी, जिनमें से 146 ने इस प्रस्तावित मसौदे का समर्थन किया, जबकि बाकी तीन ने इसका विरोध किया।












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