असम: अफस्पा पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा का बड़ा बयान, बोले- इस साल कानून में हो सकता है 'पॉजिटिव चेंज'
गुवाहाटी, 2 जनवरी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को अफस्पा (सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून) को निरस्त करने की मांग के बीच बड़ा बयान दिया। सीएम हिमंत बिस्वा ने कहा कि एएफएसपीए (अफस्पा) को इस साल कुछ हद तक युक्तिसंगत बनाया जाएगा। गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बयान दिया। असम के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में 5-6 जिलों को छोड़कर बाकी जगहों से अफस्पा को वापस ले लिया गया है लेकिन जहां ये कानून लागू है वहां के लिए इस साल यानी 2022 में सरकार अफस्पा के कुछ युक्तिकरणों पर विचार करेगी।
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गौरतलब है कि उत्तर-पूर्वी भारत में अफस्पा कानून को रद्द करने की मांग तेज हो गई है। 4 दिसंबर, 2021 में नागालैंड में सेना के एक असफल ऑपरेशन में कई स्थानीय लोगों की मौत के बाद फिर से विवादित कानून अफस्पा को हटाने की मांग तेज हो गई है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अफस्पा को निरस्त करने की मांग का समर्थन न करते हुए कानून को युक्तिसंगत बनाने की वकालत की है। उन्होंने कहा, 'चार महीने के बाद, अफस्पा रीन्यूअल के लिए आएगा। उस स्तर पर असम सरकार गृह विभाग के परामर्श से व्यावहारिक निर्णय लेगी।'
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बता दें कि नागालैंड में अफस्पा पर सीएम सरमा ने कहा कि केंद्र ने एक पैनल बनाया है जो 45 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगा। उन्होंने कहा कि वे रिपोर्ट के बाद सकारात्मक विकास की उम्मीद कर रहे हैं। इससे पहले पिछले साल 30 दिसंबर को केंद्र ने नागालैंड में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम, 1958 या अफस्पा को और छह महीने के लिए बढ़ा दिया था। कानून को बढ़ाए जाने के साथ ही कहा गया था कि राज्य ऐसी 'अशांत और खतरनाक स्थिति' में है जिसमें प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए सशस्त्र बलों का उपयोग आवश्यकता है।












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