'बालासोर रेल हादसे का कवच से कोई लेना-देना नहीं, ममता बनर्जी ने जो...', रेल मंत्री ने 'दीदी' को दिया जवाब
Balasore Train Accident: दो बार रेल मंत्री रहीं ममता बनर्जी ने बालासोर रेल हादसे को 21वीं सदी की सबसे बड़ी रेल दुर्घटना बताया है। ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर कवच सिस्टम मौजूद होती तो ये हादसा नहीं होता।''

Railway Minister Ashwini Vaishnaw News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बालासोर ट्रिपल रेल हादसे को लेकर कहा था कि अगर ट्रेन में कवच सिस्टम होता तो रेल हादसा टल सकता था। सीएम ममता बनर्जी के दावों को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खारिज कर दिया है।
असल में शनिवार (03 जून) को बालासोर में पहुंचने के बाद सीएम ममता बनर्जी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने कहा था कि अगर इन ट्रेनों में कवच सिस्टम होता तो रेल हादसा होने से बच सकता था। रविवार (04 जून) को अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि बालासोर रेल हादसा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव की वजह से हुआ है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दुर्घटना का कवच सिस्टम से इसका कोई लेना देना नहीं है। कवच रेल मंत्रालय द्वारा विकसित एक स्वदेशी ट्रेन कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (TCAS) है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एएनआई से बात करते हुए कहा, ''ये रेल हादसा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव की वजह से हुआ है। इसका कवच से कोई लेना-देना नहीं है। इसका कारण वह नहीं है जो ममता बनर्जी ने कल कहा था। यह घटना इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण हुई है। ममता जी ने कवच सिस्टम पर बात, अपनी जानकारी के आधार पर कही थी। ''
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "यह पूरी तरह से अलग मुद्दा है, इसमें प्वाइंट मशीन, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग शामिल है। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के दौरान जो बदलाव हुआ, उसी के कारण हादसा हुआ है। यह किसने किया और कैसे हुआ, यह उचित जांच के बाद पता चलेगा।"
ओडिशा के बालासोर में बहानगा बाजार स्टेशन पर 2 जून की शाम 7 बजे हुई तीन-ट्रेन दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 288 हो गई और 1000 से अधिक घायल हैं। प्रारंभिक जांच में ये सामने आया है कि ये 30 वर्षों में सबसे घातक रेलवे त्रासदी है।
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