यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है, आगे भी जारी रहेगी: अशोक गहलोत
नई दिल्ली। राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान का आखिरकार अंत हो गया। इस पूरे घमासान को प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जीत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक घमासान खत्म होने की खुशी अशोक गहलोत के बयान से भी जाहिर है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र को बचाने की है और यह आगे भी जारी रहेगी। हमारे सभी विधायक इतने लंबे समय तक हमारे साथ रहे, यह राजस्थान के लोगों की जीत है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि प्रदेश के लोगों की सेवा करें।
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इससे पहले सचिन पायलट की घर वापसी पर गहलोत ने कहा था कि भाजपा ने सरकार को अस्थिर करने के लिए क्या कुछ नहीं किया लेकिन हमारे सारे विधायक एकजुट हैं। आखिर में वो हमारा एक विधायक भी नहीं तोड़ सके। हमारी पार्टी में शांति और भाईचारा बना रहेगा। एक तीन सदस्यों की कमेटी कांग्रेस आलाकमान ने बनाई है, जो सबकी बात सुन नाराजगी दूर करने का काम करेगी। राजस्थान सीएम ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, इनकम टैक्स और सीबीआई की खूब दुरुपयोग किया गया, धर्म के नाम पर राजनीति की गई। तमाम हथकंडे भाजपा की ओर से आजमाए गए। इसके बावजूद हम आश्वस्त हैं कि सरकार ना सिर्फ कार्यकाल पूरा करेगी बल्कि अगला चुनाव भी जीतेगी। राजस्थान के तीन निर्दलीय विधायकों ने भी मंगलवार को अशोक गहलोत से मुलाकात की। विधायक ओम प्रकाश हुडला, सुरेश टांक और खुशवीर सिंह ने मुख्यमंत्री से जयपुर में उनके आवास पर मुलाकात की। बताया गया है कि तीनों विधायकों ने अपना समर्थन गहलोत सरकार को दिया है।
सचिन पायलट और उनके साथी 18 विधायकों के कांग्रेस से बागी होकर एक महीने से हरियाणा में जमे होने के चलते गहलोत सरकार पर संकट दिख रहा था। सोमवार को सभी विधायक लौट आए और कांग्रेस में ही रहने की बात कही है। जिसके बाद राजस्थान का सियासी संकट टलता दिख रहा है। सचिन पायलट ने कहा है पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने अपनी बात कही है और उनके तमाम मसलों पर पार्टी ने ध्यान दिया है।












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