दो में उम्रकैद, एक में दस साल की जेल, जानिए किन-किन धाराओं के अंतर्गत सुनाई गई आसाराम को कितनी सजा

दो मामलों में उम्रकैद और एक में दस साल की जेल, जानिए किन-किन धाराओं के अंतर्गत सुनाई गई आसाराम को कितनी सजा

नई दिल्ली। नाबालिग से रेप का दोषी पाए जाने पर आसाराम को जोधपुर की विशेष अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। उसके सहयोगी शिल्पी और शरतचंद्र को 20-20 साल की सजा सुनाई है। तीनों पर एक-एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया गया। कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं के अंतर्गत आसाराम को दो बार उम्रकैद की सजा सुनाई है।

आसाराम को मिली ये सजा

आसाराम को मिली ये सजा

जोधपुर कोर्ट ने आसाराम उर्फ आसूमल पुत्र थेवरदास निवासी मुटेरा साबरमती अहमदाबाद, गुजरात को भारतीय दंड संहिता की धारा 370 (4), 376 (2)F, 506 342, 376 डी, 120 बी और धारा 23 किशोन न्याय के अंतर्गत दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। आसाराम को मिली सजा का ब्यौरा इस तरह है।

  • धारा 376 (2)F (नाबालिग से रेप) के अंतर्गत उम्रकैद की सजा (जिंदा रहने तक जेल में रहना होगा) और एक लाख जुर्माना। जुर्माना ना देने पर सजा एक साल बढ़ जाएगी।
  • धारा 376 D के अंतर्गत उम्रकैद की सजा और एक लाख रुपए का जुर्माना।
  • धारा 370 (4) के अंतर्गत दस साल के कारावास की सजा, एक लाख रुपए, जुर्माना ना देने पर एक साल सजा बढ़ेगी।
  • धारा 342 के अंतगर्त एक साल जेल और एक हजार रुपए जुर्माना, जुर्माना ना देने पर एक माह सजा बढ़ेगी।
  • धारा 506 के अंर्तगत एक साल जेल की सजा, 1000 रुपए, जुर्माना ना देने पर एक माह सजा बढ़ेगी।
  • धारा 23 किशोन न्याय के अंतर्गत छह माह की कैद की सजा आसाराम को हुई है।
  • पीड़ित के वकील ने रखी अपनी दलीलें

    पीड़ित के वकील ने रखी अपनी दलीलें

    कोर्ट में जज के सामने पीड़ित पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि आसाराम ने जो किया वो इसलिए भी ज्यादा संगीन है क्योंकि उसने पीड़िता के परिवार को विश्वास में लिया और ये सब किया। लाखों लोगों की आस्था जुड़ी होने के चलते अपराध ज्यादा संगीन हो जाता है। नाबालिग को संरक्षण में लेकर शोषण किया, इसलिए ये और ज्यादा गंभीर है। पीड़ित के वकील ने तर्क दिया कि आसाराम ने बापू होने का गलत फायदा उठाया, उसने खुद पर विश्वास करने पर छला, नाबालिग के साथ दुराचार किया ऐसे में उसे अधिकतम सजा मिले यानि उम्रकैद मिले। इसके अलावा पुलिस जांच, गवाह और पीड़िता के बयानों के आधार पर न्यायधीश ने आसाराम के अपराध को घिनौना माना और उम्रकैद की सजा सुनाई।

     पीड़िता के पिता ने कहा, अब मर भी जाऊं तो दुख नहीं

    पीड़िता के पिता ने कहा, अब मर भी जाऊं तो दुख नहीं

    आसाराम को दोषी करार दिये जाने के बाद पीड़िता के पिता ने कहा कि आसाराम को सजा हुई, इसका उन्हें संतोष है, हमें इंसाफ मिला है। इस लड़ाई में हमारा साथ देने वाले सभी लोगों को हम धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि अब वो मर भी जाएं तो उन्हें दुख नहीं होगा।

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