Asaram Bail: आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, मेडिकल आधार पर 31 मार्च तक मिली अंतरिम जमानत, रखी ये शर्त
Asaram Bail: बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने मंगलवार (07 जनवरी) को आसाराम को 31 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2013 के बलात्कार मामले में मेडिकल आधार पर स्वयंभू संत आसाराम बापू को अंतरिम जमानत दी है।
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सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को लेकर यह फैसला चिकित्सा आधार पर लिया गया है और जमानत 31 मार्च तक वैध है। अदालत ने उनकी रिहाई पर कुछ भी शर्तें भी लगाई हैं।

Asaram Bail: सुप्रीम कोर्ट ने रखी ये शर्तें
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आसाराम सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करेंगे और अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद अपने अनुयायियों से नहीं मिलेंगे। जमानत की शर्तों के तहत आसाराम को तीन पुलिसकर्मी साथ लेकर जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें अपने अनुयायियों से सामूहिक रूप से नहीं मिलना चाहिए। इन उपायों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वह चल रही कानूनी कार्यवाही में हस्तक्षेप ना करें या मामले से जुड़े किसी भी सबूत को प्रभावित ना करें।
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आसाराम दिल का मरीज, हार्ट अटैक भी आ चुका
आसाराम दिल से जुड़ी बीमारी से ग्रसित है। पिछले दिनों दिल का दौरा पड़ने सहित स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के के चलते उसे इलाज के लिए जोधपुर सेंट्रल जेल से भगत की कोठी स्थित आरोग्य मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया है।
आसाराम की कानूनी मुश्किलें 2013 में शुरू हुईं जब उन पर एक नाबालिग लड़की से बलात्कार का आरोप लगा। छिंदवाड़ा में रहने वाली लड़की के माता-पिता को बताया गया कि उनकी बेटी बीमार है और उस पर भूत-प्रेत का साया है। उन्हें बताया गया कि केवल आसाराम ही उसे ठीक कर सकते हैं। वे उसे जोधपुर स्थित अपने आश्रम ले गए, जहाँ आरोप है कि आसाराम ने उनकी 16 वर्षीय बेटी के साथ बलात्कार किया।
बेटा नारायण साईं पर भी जेल में
आसाराम के खिलाफ मामला 15 अगस्त 2013 को दर्ज किया गया था, जिसके बाद 31 अगस्त को इंदौर में उनकी गिरफ्तारी हुई। इसके बाद दो बहनों ने भी उन पर और उनके बेटे नारायण साईं पर बलात्कार का आरोप लगाया। इन आरोपों में 2001 से 2006 के बीच अप्राकृतिक यौन संबंध और अवैध रूप से बंधक बनाना शामिल था। आसाराम की पत्नी लक्ष्मी और बेटी भारती भी इसमें शामिल थीं।
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नाबालिग से बलात्कार में आजीवन कारावास की सजा
अप्रैल 2018 में निचली अदालत ने आसाराम को जोधपुर आश्रम में नाबालिग लड़की से बलात्कार के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अप्रैल 2019 में सूरत की अदालत ने नारायण साईं को बलात्कार का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उसे पीड़िता को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया।












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