Asani Cyclone: तीनों सेनाओं को दिया गया अलर्ट रहने का निर्देश, पोर्ट ब्लेयर में तैनात की गई NDRF की टीम
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को कहा कि इस साल का पहला चक्रवात 21 मार्च के आसपास बंगाल की खाड़ी में विकसित होने वाला है।
नई दिल्ली, 17 मार्च। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को कहा कि इस साल का पहला चक्रवात 21 मार्च के आसपास बंगाल की खाड़ी में विकसित होने वाला है। यदि यह चक्रवात तूफान में बदला तो इसे आसनी कहा जाएगा। इसका यह नाम श्रीलंका द्वारा सुझाया गया है। मौसम विभाग (IMD) ने अनुमान लगाया है कि यह बांग्लादेश और उससे सटे उत्तरी म्यामांर की ओर बढ़ सकता है।

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गृह मंत्रालय ने की तैयारियों की समीक्षा
गृह मंत्रालय ने एक ट्वीट कर बताया कि केंद्रीय गृह सचिव ने आज बंगाल की खाड़ी में आने वाले चक्रवात के मद्देनजर अंडमान और निकोबार के केंद्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों और प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की। आईएमडी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र 21 मार्च तक तेज होकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।
पोर्ट ब्लेयर में तैनात की गई NDRF की टीम
इस तूफान से निपटने की तैयारियों की जानकारी देते हुए मंत्रालय ने कहा कि पोर्ट ब्लेयर में एनडीआरएफ की एक टीम तैनात की गई है। अतिरिक्त टीमें तैयार हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर एयरलिफ्ट किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि अंडमान और निकोबार प्रशासन लोगों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए आपातकालीन आपूर्ति और उपायों के पर्याप्त स्टॉक के साथ तैयार है।
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मछुआरों को दी गई समुद्र से दूर रहने की सलाह
मछुआरों को मछली न पकड़े की सलाह दी गई है। इसके अलावा पर्यटकों को वोटिंग ना करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मछुआरों से कहा गया है कि वे जल्द से जल्द समुद्र से लौटें। इसके साथ-साथ इसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल को स्टैंड बाई पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर उनकी मदद ली जाएगी। वहीं मौसम विभाग ने कहा है कि रविवार को हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है, जो अगले दिन 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।












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