Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

‘मुस्लमानों की आस्था अधूरी है’, I Love Muhammad विवाद पर ओवैसी का तीखा बयान, जानें क्या है पूरा विवाद?

Owaisi I Love Muhammad Controversy: देश में चल रहे I Love Muhammad पोस्टर को लेकर चल रहे विवाद पर AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ( Asaduddin Owaisi) ने शुक्रवार, 26 सितंबर को तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसी की आस्था के इस तरह के भाव को इतना खतरा क्यों माना जा रहा है।

ओवैसी ने मीडिया से कहा, "अगर कोई 'I Love Muhammad' ग्रुप बना सकता है, तो इसमें समस्या क्या है? इसमें कौन-सी हिंसा प्रोत्साहित हो रही है? अगर शब्द है 'प्यार', तो किसे परेशानी है? मुझे लगता है कि इन लोगों के लिए मुग़ल-ए-आज़म का 'मोहब्बत ज़िंदाबाद' गाना चलना चाहिए। अगर 'हैप्पी बर्थडे पीएम मोदी' पोस्टर चल सकता है, तो 'I Love Muhammad' पोस्टर क्यों नहीं?"

owaisi-strong-statement-i-love-muhammad-controversy

धर्म की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकार

ओवैसी ने संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा कि धर्म की स्वतंत्रता हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा, "इसमें कौन-सी बात देशद्रोही है? किस बात से हिंसा बढ़ती है? ... एक मुसलमान की आस्था तब पूरी होती है जब वह पैगंबर मोहम्मद से दुनिया की हर चीज़ से ज्यादा प्यार करता है। आप इस पर आपत्ति जताकर दुनिया को क्या संदेश दे रहे हैं?"

AIMIM नेता ने उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना भी की और आरोप लगाया कि यहां चुनिंदा प्रतिबंध लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "यूपी में ADGP कह रहे हैं कि नए पोस्टर नहीं लगाए जाएंगे। लेकिन 'हैप्पी बर्थडे प्रधानमंत्री' या 'हैप्पी बर्थडे मुख्यमंत्री' के लिए अनुमति दी जाएगी। फिर कानून बना दें कि इस देश में कोई भी 'प्यार' के बारे में नहीं बोल सकता।"

कैसे शुरू हुआ ये विवाद?

यह विवाद 9 सितंबर को शुरू हुआ, जब कानपुर पुलिस ने 4 सितंबर को बरावफ़त जुलूस के दौरान सड़क पर "I Love Mohammad" बोर्ड लगाने के आरोप में नौ लोगों और 15 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। कुछ हिंदू समूहों ने इसे "नई प्रवृत्ति" और जानबूझकर उत्तेजना फैलाने वाला कदम बताया।

वहीं ओवैसी ने सोशल मीडिया पर पोस्टरों का समर्थन करते हुए कहा कि "I Love Muhammad कहना कोई अपराध नहीं है।" उनके इस बयान ने मामले को और व्यापक ध्यान दिलाया।

उमर अब्दुल्ला ने भी दिया समर्थन

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तीन साधारण शब्दों-"I Love Muhammad"-को अवैध ठहराना अजीब है। उन्होंने कहा, "किसे इस पर आपत्ति हो सकती है? इसे लेकर एफआईआर दर्ज करना मानसिक रूप से अस्वस्थ होना चाहिए। मैं चाहता हूं कि अदालत इसे जल्दी ठीक करे।"

उमर अब्दुल्ला ने धर्म विशेष से जुड़े होने के बावजूद कहा कि किसी को यह आपत्ति नहीं होनी चाहिए। "क्या अन्य धर्मों के लोग अपने गुरुओं या देवी-देवताओं के बारे में लिखते नहीं हैं? हमारे सिख भाई-बहन अपने गुरुओं के बारे में लिखते हैं। हमारे हिंदू भाई-बहन अपने देवी-देवताओं के बारे में लिखते हैं। अगर यह गैरकानूनी नहीं है, तो यह क्यों हो?"

यह विवाद एक बार फिर यह सवाल उठा रहा है कि धार्मिक आस्था के निजी भावों पर किस तरह की सीमाएँ लगाई जाएँ। ओवैसी और अब्दुल्ला दोनों ने स्पष्ट किया कि प्यार और आस्था को अपराध या हिंसा से जोड़कर देखना ठीक नहीं है। मामला न केवल कानपुर या उत्तर प्रदेश तक सीमित है, बल्कि देश भर में धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की सीमा पर बहस को नई दिशा दे रहा है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+