'हो सकता है कि मैं उस वक्त इस दुनिया में ना रहूं, पर एक दिन हिजाब में महिला करेगी देश का नेतृत्व'

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को अक्सर देश के मुसलमानों की पार्टी के तौर पर जाना जाता है। ओवैसी चार बार से लोकसभा सांसद हैं। वह हैदराबाद से सांसद हैं और एक बार फिर से वह चुनावी मैदान में हैं। लेकिन इस बार का चुनाव ओवैसी के लिए काफी अहम होने वाला है।

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 13 मई को मतदान होने जा रहा है। ओवैसी ने अपनी पार्टी के साथ मुसलमानों, पिछड़े वर्ग और अन्य अल्पसंख्यकों को जोड़ने में काफी हद तक सफलता हासिल की है। ओवैसी को उम्मीद है कि इस चुनाव में उनकी पार्टी एनडीए को अच्छी चुनौती देगी।

owaisi

अहम बात है कि ओवैसी विपक्षी गठबंधन इंडिया का हिस्सा नहीं हैं। ओवैसी के इस कदम को रणनीतिक कदम माना जा रहा है। लेकिन एक सवाल यह भी उठता है कि क्या उनकी छोटी सी पार्टी देश की सबसे बड़े गठबंधन एनडीए को चुनौती दे पाएगी।

हिजाब वाली महिला चलाएगी देश

ओवैसी से एक इंटरव्यू में पूछा गया कि क्या देश को मुस्लिम प्रधानमंत्री मिलेगा। इसपर ओवैसी ने कहा ऐसा जरूर होगा इंशाअल्लाह, देश की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री हिजाब वाली महिला के रूप में मिलेगा। यह समय जरूर आएगा, शायद उस वक्त मैं इस दुनिया में ना रहूं, लेकिन यह जरूर होगा, इंशाअल्लाह।

कई प्रदेश में उतारे उम्मीदवार

औवैसी का कहना है कि हम यूपी में पीडीएम न्याय मोर्चा का हिस्सा हैं, जोकि दलित और मुस्लिम का गठबंधन है। इसकी अगुवाई अपना दल की पल्लवी पटेल कर रही है। बिहार और झारखंड में हम 1-2 सीटों पर लड़ रहे हैं।

हमें पूरा भरोसा है कि बिहार में हमारी पार्टी के अध्यक्ष और विधायक अख्तर अख्तरुल ईमान चुनाव जीतेंगे। औरंगाबाद और हैदराबाद में 13 मई को मतदान है, हमे पूरा भरोसा है कि हम यहां जीता सिलसिला जारी रखेंगे। महाराष्ट्र, बिहार, यूपी में मैं खुद चुनाव प्रचार करूं और पूरी कोशिश करूंगा कि हमारे उम्मीदवार जीतें।

इंडिया गठबंधन ने नहीं दिया मुसलमानों को टिकट

इंडिया गठबंधन पर हमला बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि ये लोग मुस्लिमों को टिकट देने से कतरा रहे हैं। महाराष्ट्र में 48 में से एक भी मुस्लिम उम्मीदवार इंडिया गठबंधन का नहीं है। ऐसा ही राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली में है।

अगर मुसलमानों को टिकट ही नहीं दिया जाएगा तो लोकसभा में इन लोगों को प्रतिनिधित्व कौन करेगा, क्या ही देश की अनेकता में एकता है। ये लोग यही संदेश देना चाहते हैं कि आप बस वोट दीजिए, घर में आराम कीजिए।

160 में से सिर्फ 16 सीटें क्यों जीती कांग्रेस?

AIMIM पर अक्सर आरोप लगते हैं कि यह भाजपा की बी पार्टी है और यह भाजपा को ही मदद पहुंचाती है। इसपर ओवैसी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने 190 सीटों पर सीधा मुकाबला किया, लेकिन कांग्रेस को सिर्फ 16 सीटों पर जीत मिली।

हमने यहां चुनाव नहीं लड़ा। लेकिन यहां हिंदू वोट की वह से भाजपा जीत जाती है। यही कांग्रेस महाराष्ट्र में शिवसेना से गठबंधन करती है और उन्हें सेक्युलर बताती है क्योंकि यह उनको सूट करता है। ये लोग सत्ता में रहना चाहते हैं।

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