'वक्फ विधेयक का उद्देश्य संपत्तियों की रक्षा करने के बजाय उन्हें नष्ट करना', ओवैसी ने सरकार को घेरा
Asaduddin Owaisi On Waqf Bill: एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की आलोचना की है। ओवैसी ने दावा किया कि इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों की रक्षा करने के बजाय उन्हें नष्ट करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रस्तावित कानून को वापस लेने की मांग की है।
ओवैसी ने भाजपा पर बेईमानी का आरोप लगाते हुए कहा, ''इस विधेयक में वक्फ बोर्ड और वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा करने के बजाय उन्हें नष्ट करने का तरीका अपनाया गया है।'' उन्होंने तर्क दिया कि विधेयक में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा के लिए प्रावधान नहीं हैं।

विधेयक की धाराओं पर चिंताएं
एआईएमआईएम प्रमुख ने विधेयक की कई धाराओं पर सवाल उठाए, जिसमें विवादित संपत्ति के स्वामित्व पर निर्णय लेने के लिए जिला कलेक्टरों को अधिकार देना और वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना शामिल है। उन्होंने इन बदलावों पर चिंता जताई।
ओवैसी ने बताया कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) विधेयक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए गैर-भाजपा मुख्यमंत्रियों से मिलने की योजना बना रहा है। उन्होंने हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी से मुलाकात की थी।
धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रभाव
ओवैसी ने कहा, ''इस विधेयक के जरिए भाजपा वक्फ और वक्फ संपत्तियों को खत्म करना चाहती है और इससे मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता पर असर पड़ेगा।'' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता के लिए खतरा है।
एआईएमपीएलबी का इरादा सार्वजनिक बैठकें आयोजित करने और बिल का विरोध करने वाले विपक्षी नेताओं से बातचीत करने का है। वे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और जेडीयू नेताओं से मिलकर अपनी चिंताओं को बताने की योजना बना रहे हैं।
लोकसभा में विधेयक का प्रस्तुतीकरण
यह विधेयक 8 अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया था और गरमागरम बहस के बाद इसे संसद की संयुक्त समिति को भेज दिया गया था। सरकार ने दावा किया कि उसका मदरसो के कामकाज में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है, जबकि विपक्ष ने इसे मुसलमानों को निशाना बनाने और संविधान पर हमला करने के रूप में देखा।
मुसलमानों के बीच यह संदेश फैल गया है कि नरेंद्र मोदी उनसे वक्फ संपत्तियां जब्त करना चाहते हैं। ओवैसी ने प्रधानमंत्री और सरकार से इस प्रस्तावित कानून पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने का आग्रह किया है।
ओवैसी ने अपना रुख दोहराते हुए कहा कि इस विधेयक में वक्फ की सुरक्षा का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार पर सुरक्षा की आड़ में वक्फ को नष्ट करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।












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