यूपी में ओवैसी को एक भी सीट नहीं, फिर भी कहा- हमारे हौसले बुलंद
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन का खाता तक नहीं खुला। पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा पार्टी जनादेश का समर्थन करती है। हमारे हौसले बुलंद हैं। हम फिर से जनता के बीच जाएंगें।
नई दिल्ली, 11 मार्च। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन पार्टी (AIMIM) का खाता तक नहीं खुला। यहां ओवैसी का गठबंधन भागीदारी परिवर्तन मोर्चा पूरी तरह विफल रहा। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन पार्टी (AIMIM) का खाता तक नहीं खुला। पार्टी को महज 0.4 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ईवीएम पर सवाल उठाना गलत है। परिणाम प्रतिकूल रहे फिर भी हमारे हौसले बुलंद हैं। हम फिर से अगली बार प्रयास करेंगे।

सभी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। भाजपा और सपा के आगे सभी पार्टियों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election Results 2022) में बीएसपी महज एक सीट पर सिमट कर रह गई। मायावती ने तो यहां तक कह दिया कि मुस्लिमों ने भाजपा को हराने के लिए BSP से ज्यादा SP पर भरोसा किया। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में अधिकतर छोटी और राज्य स्तर की पार्टियों के लिए बेहद खराब रहा है। इस बार भाजपा गठबंधन को 273 सीटें मिली हैं। वहीं सपा को गठबंधन को 127 सीटें प्राप्त हुईं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में की तुलना में जहां सपा का प्रदर्शन बेहतर हुआ तो वहीं बसपा, कांग्रेस और अन्य दलों को करारी शिकस्त मिली।
0.4 प्रतिशत मत और सीटों की संख्या शून्य
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी ओवैसी की पार्टी पूरी तरह विफल रही। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 ( UP Assembly Election Results 2022) में भी एआईएमआईएम (AIMIM) को एक भी सीट हासिल नहीं हुई। हलांकि इस बार के चुनाव में पार्टी के मत प्रतिशत में वृद्ध जरूर हुई है। जहां पार्टी को विधानसभा चुनाव 2017 में 2 लाख मत प्राप्त थे तो वहीं इस बार AIMIM को 22.3 लाख वोट मिले हैं, जो कुल मतों को 0.4 प्रतिशत है। एआईएमआईएम (AIMIM) इस बार बड़ी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में थी। पार्टी आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट जीतने के लिए काफी आश्वस्त थी। जहां बसपा के पूर्व नेता गुड्ड जमाली को पार्टी ने अपने टिकट पर चुनाव लड़ाया था लेकिन ने हार गए। यह ऐसी सीट है, जहां इस्लाम धर्म के कई स्कूल, बुनकर, प्रवासी श्रमिक रहते हैं। माना जा रहा था कि यहां ओवैसी की पार्टी को भारी जन समर्थन मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन पार्टी (AIMIM) का खाता तक नहीं खुला। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि ईवीएम पर सवाल उठाने वालों के दिमाग के चिप में गलती है। ईवीएम को मुद्दा बनाने पर ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईवीएम पर वालों के दिमाग के चिप में गलती है। उनकी पार्टी जनादेश का स्वागत करती है। सभी राजनीतिक दल अपनी हार का कारण ईवीएम को मान रहे हैं। यह सब अपनी हार छिपाने लिए किया जा रहा है। इस बार उत्तर प्रदेश में उनकी जनकी पार्टी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। एआईएमआईएम जनादेश का स्वागत करती है। उनकी पार्टी अगली बार बेहतर प्रयास करेगी। अन्य राजनैतितक दल अपनी हार को छिपाने का गलत प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए ईवीएम में गड़बड़ी की बात की जा रही है।
वहीं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी उत्तर प्रदेश की किसी भी सीट पर जीत नहीं दर्ज कर पाई। वहीं प्रदेश में एक बार फिर भाजपा सत्ता में आ गई। ओवैसी की पार्टी भागीदारी परिवर्तन मोर्चा गठबंधन में शामिल थी। यह गठबंधन पूरे उत्तर प्रदेश में एक भी सीट पर जीत नहीं दर्ज कर सका।












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