मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार का दावा- ICU में है इंडियन इकॉनमी

नई दिल्ली। मोदी सरकार में मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) रहे अरविंद सुब्रमण्यन ने देश की मौजूदा अर्थव्यवस्था को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इकॉमनी जिस हालात में है उससे यह साफ है कि यह आईसीयू में जा रही है। उन्होंने इकॉनमी को लेकर कहा कि, भारत 'गहरी आर्थिक सुस्ती' में है। बैंकों और कंपनियों की टूइन बैलेंसशीट क्राइसिस के कारण अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव है। सुब्रमण्यन मोदी सरकार के पहले मुख्य आर्थिक सलाहकार थे, लेकिन पिछले साल अगस्त में पद छोड़ दिया था।

Arvind Subramanian cliams India facing Great Slowdown, economy headed to ICU
अरविंद सुब्रमण्यन ने अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के भारत कार्यालय के पूर्व प्रमुख जोश फेलमैन के साथ लिखे गए नए रिसर्च पेपर में कहा है कि इंडियन इकॉनमी इस समय बैंक, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनबीएफसी और रियल एस्टेट जैसे 4 क्षेत्रों की कंपनियों के लेखा-जोखा के संकट का सामना कर रहा है। इसके अलावा भारत ब्याज दर और वृद्धि के प्रतिकूल चक्र में फंस गया है। उन्होंने दावा कि, यह कोई साधारण मंदी नहीं है।

उन्होंने अपने रिसर्च पेपर में लिखा कि, भारत गहरी मंदी फंसा हुआ है। ऐसा लगता है कि इकॉनमी आईसीयू में जा रही है। बता दें कि अरविंद सुब्रमण्यन ने दिसंबर, 2014 में दोहरे बही खाते की समस्या के प्रति आगाह किया था। उस समय वह नरेंद्र मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार थे। उन्होंने उस समय कहा था कि निजी कंपनियों पर बढ़ता कर्ज बैंकों की गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) बन रहा है।

अपने नए रिसर्च पेपर को सुब्रमण्यन ने दो भागों टीबीएस और टीबीएस में बांटा है। टीबीएस-1 इस्पात, बिजली और बुनियादी ढांचा क्षेत्र की कंपनियों को दिए गए बैंक कर्ज के बारे में है। यह कर्ज निवेश में जोरदार तेजी के दौरान 2004-11 के दौरान दिया गया, जो बाद में एनपीए बन गया। टीबीएस-दो नोटंबदी के बाद की स्थिति के बारे में है। इसमें गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और रियल एस्टेट कंपनियों के बारे में है।

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