इस साल 'भारतीय डॉक्टर' को मिलना चाहिए भारत रत्न: अरविंद केजरीवाल
नई दिल्ली, 04 जुलाई। देश में कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में डॉक्टरों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। खुद ठीक होते हुए भी लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान गंवा दी। डॉक्टरों के इसी बलिदान को याद करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मांग की है कि इस वर्ष भारतीय डॉक्टर को भारत रत्न मिलना चाहिए। उन्होंने किसी एक डॉक्टर को यह अवॉर्ड देने की बात नहीं कही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारतीय डॉक्टर्स मतलब सभी डॉक्टर्स, नर्स और पैरामेडिक।
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अरविं केजरीवाल ने इस बाबत ट्वीट करके लिखा, इस वर्ष "भारतीय डॉक्टर" को भारत रत्न मिलना चाहिए। "भारतीय डॉक्टर" मतलब सभी डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक। शहीद हुए डाक्टर्ज़ को ये सच्ची श्रद्धांजली होगी। अपनी जान और परिवार की चिंता किए बिना सेवा करने वालों का ये सम्मान होगा। पूरा देश इस से खुश होगा। बता दें कि भारत रत्न अवॉर्ड देश का सर्वोच्च सम्मान है जोकि व्यक्ति विशेष को अपने क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए दिया जाता है। पिछले डेढ़ साल में पूरा देश कोरोना की महामारी से लड़ रहा है, इस लड़ाई में कई स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी जान गंवाई है।इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से यह मांग की है।
गौरतलब है कि भारतीय चिकित्सा संघ के आंकड़ों के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर में तकरीबन 748 डॉक्टरों की मौत हो गई। सबसे अधिक डॉक्टरों की जान बिहार में गई है। यहां 115 डॉक्टरों की कोरोना की दूसरी लहर में जान चली गई,जबकि दिल्ली में 109 डॉक्टरों ने कोरोना की दूसरी लहर में अपनी जान गंवा दी। उत्तर प्रदेश में 79 डॉक्टर, पश्चिम बंगाल में 62 डॉक्टर, राजस्थान में 43 डॉक्टर, झारखंड में 39 डॉक्टर, आंध्र प्रदेश में 38 डॉक्टर कोरोना की दूसरी लहर में अपनी जान गंवा बैठे।












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