केजरीवाल को है अपनी 'उस' गलती पर अफसाेस

कहा जाए तो अरविंद को अपने पिछले कामों से काफी अफसोस है। शायद उन्हें अब इस बात का अहसास हो रहा है कि यदि वे इस समय दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर विराजमान होते तो उन्हें इसका कितना फायदा लोकसभा चुनाव में मिलता। अरविंद अब इस सोच में पड़ गए हैं कि दिल्ली की जनता मेरे इस्तीफे को धोखा समझकर लोकसभा चुनाव में मेर और मेरी पार्टी के साथ क्या करेगी। केजरीवाल ने ये भी साफ किया कि सीधे तौर पर इस्तीफा देने के फैसले पर उन्हें कोई खेद नहीं, लेकिन वो ये मानते हैं कि यह फैसला उसी रात नहीं करना चाहिए था जब बीजेपी और कांग्रेस ने जनलोकपाल बिल का रास्ता रोेक रहे थे।
आपको बता दें कि केजरीवाल ने फरवरी महीने में महज 49 दिन सरकार चलाने के बाद इस्तीफा दे दिया था। अब तक सरकार छोड़ने को लेकर कांग्रेस और बीजेपी ही नहीं आम जनता के बीच भी उनके फैसले को लेकर आलोचना हो रही थी।
केजरीवाल ने कहा कि उन्हें सरकार छोड़ने से पहले लोगों को इसकी वजह बताना चाहिए था। कई जनसभाओं के जरिए अपनी बात जनता तक पहुंचाने के बाद सरकार छोड़ी जा सकती थी। केजरीवाल के मुताबिक तुरंत लिए गए फैसले और जनता के साथ संवाद में कमी की वजह से बीजेपी और कांग्रेस को आम आदमी पार्टी के बारे में झूठी बातें
फैलाने का मौका मिल गया और उनके ऊपर भगोड़े का ठप्पा लगा दिया गया।
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चुनावी रंग में रंग चुकी आम आदमी पार्टी हर दिन 'गांधीगीरी' के नए स्टंट अपना रही है। पहले थप्पड़ मारने वाले लाली से मिलकर संवेदना जताना और अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने का समय गलत बताना इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।












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