राफेल डील को लेकर SC के फैसले पर केजरीवाल का बड़ा बयान

राफेल डील को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ी बात कही है।

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    Arvind Kejriwal ने Supreme Court का Rafale पर फैसला आते ही Modi को घेरा | वनइंड़िया हिंदी

    नई दिल्ली। राफेल डील को लेकर सुप्रीम कोर्ट से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को बड़ा झटका लगा है। राफेल डील के मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से जमा कराए गए रक्षा मंत्रालय के दस्तावेजों को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इन दस्तावेजों के खिलाफ केंद्र सरकार की आपत्तियों को भी खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की दोबारा विस्तार से सुनवाई करेगा। वहीं इस मामले को लेकर विपक्ष भी हमलावर हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ट्वीट कर तीखा हमला बोला है।

    'पीएम मोदी ने देश की सेना से धोखा किया'

    'पीएम मोदी ने देश की सेना से धोखा किया'

    आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, 'मोदी जी हर जगह कह रहे थे कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राफेल में क्लीन चिट मिली है। आज के सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से साबित हो गया कि मोदी जी ने राफेल में चोरी की है, देश की सेना से धोखा किया है और अपना जुर्म छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया।' आपको बता दें कि इस मामले में सामने आए रक्षा मंत्रालय के नए दस्तावेज पूरी डील और प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठा रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने उन दस्तावेजों को स्वीकार कर लिया है और अब उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सुनवाई होगी।

    अटॉर्नी जनरल ने क्या कहा?

    गौरतलब है कि इसके पहले की सुनवाई में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि जो दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए हैं, उन्हें विशेषाधिकार प्राप्त है, जिन्हें भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 123 के तहत सबूत नहीं माना जा सकता है। इन दस्तावेजों को गोपनीयता के अधिनियम के तहत संरक्षित किया जाता है। कोर्ट ने आज के फैसले में सरकार की इन दलीलों को खारिज कर दिया।

    याचिका में दी गई थी ये दलील

    याचिका में दी गई थी ये दलील

    पुनर्विचार याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं का कहना था कि राफेल डील के मामले में धांधली की गई और भ्रष्टाचार हुआ है। साथ ही उनका कहना है कि भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए किसी भी कागज को कोर्ट में पेश किया जा सकता है, वह चाहे जैसे भी हासिल किया गया हो। लिहाजा कोर्ट को इन दस्तावेजों पर गौर करना चाहिए। साथ ही कहा गया था कि किसी भी विभाग के अंदर अगर भ्रष्टाचार को सामने लाने के लिए कोई गोपनीय तरीके से दस्तावेज देता है तो उसकी पहचान को उजागर नहीं करना चाहिए।

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