Arunachal Pradesh: आजादी के 75 साल बाद ताली विधानसभा तक पहुंची सड़क, देखें कैसा है यहां का जीवन
अरुणाचल प्रदेश में आज भी ऐसे इलाके हैं, जहां पहुंचना किसी भी मौसम में आसान नहीं है। लोग कई किलोमीटर तक पैदल चलकर पहुंचते हैं। लेकिन, आजादी के बाद पहली बार ताली विधानसभा तक सड़क पहुंच गई है।

अरुणाचल प्रदेश में आज भी एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र और प्रशासनिक केंद्र था, जहां देश के स्वतंत्र होने के 75 वर्षों बाद भी सड़क नहीं पहुंची थी। 6 साल पहले राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू वहां पहुंचे थे तो उन्हें हेलीकॉप्टर से जाना पड़ा था। जबकि, वह दूर-दराज के क्षेत्रों में पैदल भी पहुंच जाते हैं। लेकिन, पहली बार ऐसा मौका आया है, जब वहां सड़क बनी है और सीएम अपने काफिले के साथ वहां पहुंचने में कामयाब हुए हैं। हिमाचल में आज भी कई ऐसे दुर्गम इलाके हैं, जहां कई किलोमीटर तक कई किलो वजन लेकर ट्रेकिंग करना लोगों की आदतों में शामिल है। खुद सीएम खांडू ने उसका वीडियो भी शेयर किया है।

पहली बार सड़क से ताली पहुंचे अरुणाचल के सीएम
अरुणाचल प्रदेश की ताली विधानसभा तक देश की आजादी के 75 साल बाद सड़क पहुंची है। यह प्रदेश का आखिरी प्रशासनिक केंद्र है, जो अबतक सड़क संपर्क से भी वंचित था। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री राज्य के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो क्रा दादी जिले के इस कस्बे तक सड़क के रास्ते पहुंचे हैं। खांडू पिछली बार इस इलाके में 2017 में आए थे। तब उन्हें यहां हेलीकॉप्टर से आना पड़ा था। उन्होंने तभी यहां के लोगों से वादा किया था कि वह अगली बार सड़क से आएंगे और बड़ी बात ये है कि उन्होंने अपना ये वादा न्योकुम के पवित्र मौके पर निभाया है।

1957 में ही बना था प्रशासनिक मुख्यालय
रविवार को 45वें न्योकुम यूल्लो महोत्सव में शामिल होते हुए सीएम खांडू ने कहा, 'मुझे ऐतिहासिक और महान अवसर का हिस्सा बनने पर गर्व है, आखिरकार ताली एडीसी मुख्यालय सड़क मार्ग से जुड़ गया है। 1957 में बनने के बावजूद ताली प्रशासनिक मुख्यालय ने कभी सड़क संपर्क नहीं देखा। हमने करीब 51 किलोमीटर लंबी यांग्ते-ताली रोड को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए मिशन मोड पर काम किया है।' गौरतलब है कि मुख्यमंत्री खांडू ने शनिवार को यांग्ते से ताली जाते वक्त कुमी नदी पर पुनर्निर्मित स्टील-आर्क पुल को भी जनता को समर्पित किया है।

लोगों से सड़क के लिए जमीन देने की अपील
इससे पहले खांडू ने ताली से पिप सोरंग तक बन रही सड़क का भी निरक्षण किया है। यह ताली एडीसी प्रशासनिक सेंटर का सर्किल मुख्यालय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही ये सड़क इस साल के अंत तक तैयार हो जाएगी। उन्होंने घोषणा कि 'जब आप 46वें न्योकुम यूल्लो महोत्सव मना रहे होंगे तो ताली, पिप सोरंग से जुड़ चुका रहेगा।' इस मौके पर उन्होंने लोगों से अपील की कि कनेक्टिविटी से ही विकास निर्भर है। इसलिए लोगों को सड़क निर्माण के लिए अपनी जमीन मुफ्त में देनी चाहिए, इसके बाद जहां भी सड़क की आवश्यकता होगी, उसे पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी होगी।
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अरुणाचल में एक सड़क 1960 के दशक से ही बन रही है
अरुणाचल के मुख्यमंत्री खांडू ने मंगलवार को राज्य के एक और दूर-दराज इलाके का वीडियो शेयर किया है, जो कि क्रा दादी जिले का ही हिस्सा है। उन्होंने 50-50 किलो वजन लेकर मुश्किल रास्तों से गुजरने वाली महिलाओं के जज्बे के प्रति सम्मान जताया है। इस दौरान उन्होंने कामले जिले के तामेन से ताली तक सड़क निर्माण में देरी पर चिंता भी जाहिर की। इस सड़क पर 1960 के दशक में ही काम शुरू हुआ था। सीएम ने भरोसा दिलाया कि यह सड़क भी उन्हीं की सरकार पूरा करेगी।
महिला शक्ति के जज्बे को सलाम
पेमा खांडू ने अपने ट्विटर हैंडल पर जो वीडियो शेयर किया है, उससे अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों के लोगों के जीवन के बारे में पता चलता है। उन्होंने, वीडियो के साथ लिखा है कि 'सुदूर क्रा-दादी जिले की इन महिलाओं की शक्ति और लचीलेपन की तारीफ कीजिए। सड़क संपर्क की कमी के चलते वे 50 किलो तक का भारी बोझ उठाकर लंबी दूरी तय करती हैं। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि इन दूर-दराज इलाकों की ओर सरकार का पूरा फोकस रहे।' (कुछ तस्वीरें सांकेतिक, इनपुट-एएनआई)












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