जब अरुण जेटली की याद में विदेश में भावुक हो गए थे PM मोदी, कहा था- 'लोग पर्व मना रहे हैं, मैं शोक में हूं'
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नई दिल्ली, 24 अगस्त: देश के पूर्व वित्त मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली की आज मंगलवार (24 अगस्त) को पुण्यतिथि है। अरुण जेटली का 24 अगस्त 2019 को निधन हुआ था। 67 साल की उम्र में अरुण जेटली ने दुनिया को अलविदा कहा था। भाजपा ने आज के दिन पद्म विभूषण अरुण जेटली को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया है। अरुण जेटली के निधन से 2019 में पीएम मोदी को बड़ा झटका लगा था। पिछले साल 2020 में पीएम मोदी ने ट्वीट कर जेटली की पुण्यतिथि पर कहा था कि 'दोस्त की बहुत याद आती है।' पीएम मोदी और अरुण जेटली की दोस्ती घनिष्ट थी। यही वजह है कि जेटली के निधन की खबर सुन विदेश में भाषण देते वक्त पीएम मोदी कैमरे पर भावुक हो गए थे।

जेटली की याद में भाषण देते वक्त भावुक हो गए थे मोदी
जब 24 अगस्त 2019 को दोपहर 12 बजकर सात मिनट अरुण जेटली ने एम्स में अंतिम सांस ली तो पीएम नरेंद्र मोदी उस वक्त भारत में नहीं बल्कि बहरीन में थे। पीएम मोदी को बहरीन में ही सूचना मिली थी कि उनके खास मित्र अरुण जेटली का निधन हो गया है। पीएम मोदी जेटली के निधन की खबर सुनकर इतने दुखी थे कि वह भाषण देते वक्त भावुक हो गए थे और जेटली को याद करने लगे थे। बहरीन में नेशनल स्टेडियम में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी अरुण जेटली के साथ अपनी दशकों पुरानी दोस्ती को याद करके भावुक हो गए थे।

मोदी बोले- मैं ये सोच भी नहीं सकता कि जेटली नहीं रहे
'PM मोदी के टॉर्चर की वजह से हुई अरुण जेटली और सुषमा स्वराज की मौत', स्टालिन के बेटे उदयनिधि का विवादित बयानपीएम मोदी ने कहा था, मैं यह सोच नहीं सकता कि मैं यहां बहरीन में हूं जबकि मेरे प्यारे दोस्त अरुण जेटली नहीं रहे। कुछ दिनों पहले ही हमने अपनी पूर्व विदेश मंत्री बहन सुषमा जी को खो दिया था और आज मेरे प्यारे मित्र अरुण चले गये।'' बता दें कि भारत की पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता सुषमा स्वराज का निधन 06 अगस्त 2019 को हुआ था।

'लोग पर्व मना रहे हैं, मैं शोक मना रहा हूं'
पीएम मोदी ने जेटली की याद में कहा था, ''ऐसे समय में जब लोग देश-विदेश में जन्माष्टमी का पर्व मना रहे हैं, मैं अपने मित्र अरुण के निधन का शोक मना रहा हूं। मैं एक तरफ अपने कर्तव्य पथ से बंधा हूं जबकि दूसरी ओर मेरा मन शोक से भरा हुआ है।''

अरुण जेटली के बारे में अहम बातें?
- अरुण जेटली अपने इतने लंबे राजनीतिक सफर में कभी भी लोकसभा चुनाव नहीं जीत पाए थे। जेटली अपने राजनीतिक जीवन में रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री, शासन में केंद्रीय न्याय मंत्रालय के अलावा कई बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां संभाली थीं।
-अरुण जेटली का जन्म 28 दिसंबर 1952 को दिल्ली में हुआ था। जेटली ने 1977 में एलएलबी की डिग्री ली थी और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस भी कई सालों तक की थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने जेटली को वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर नामित किया था। 1989 में जेटली भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में नियुक्त किए गए थे।
-अरुण जेटली को पहली बार राज्य सभा के लिए अप्रैल 2000 में चुना गया था। मोदी सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए नोटबंदी और जीएसटी को लागू करने का श्रेय जेटली को ही जाता है।












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