मोदी सरकार के पहले बजट में जेटली से आस, टैक्स में 'मीठी गोली' की उम्मीद

उम्मीद की जा रही है कि इनकम टैक्स में छूट मिल सकती है। पहले बजट में वित्त मंत्री अरूण जेटली औद्योगिक और आर्थिक विकास को हवा देने के लिए सुधारवादी कदमों और कर छूटों जैसे प्रावधानों की दवा दे सकते हैं। यह उम्मीद इसलिए भी की जा रही है क्योंकि मोदी ने रोजगार बढ़ाने, महंगाई से निजात दिलाने और विकास में तेजी लाने जैसे वादों की पूंछ पकड़कर चुनावी बैतरनी पार की है।
माना जा रहा है कि इस बजट में जेटली आय पर कर छूट का दायरा बढ़ाने वाले हैं। अभी दो लाख रूपए की वार्षिक आय को कर के दायरे से बाहर रखा गया है। माना जा रहा है कि इसे बढ़ाकर तीन लाख किया जा सकता है। जेटली के सामने खास कर मध्यम वर्ग को कर रियायतें देकर उनकी परेशानी कम करने और निवेश में इजाफा करके आर्थिक वृद्धि को गति देने की महती चुनौती है। देश में निवेश बढ़ाने के लिए जेटली उद्योग के लिए कर प्रोत्साहन की घोषणा कर सकते हैं। बजट आने से पहले ही सरकार वाहन एवं टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्रों के लिए शुत्पाद शुल्क में रियायत की मियाद दिसंबर तक के लिए बढ़ा चुकी है।
हलांकि लोगों को आशंका है कि मोदी बजट के जरिए कड़वी दवाई भी पिला सकता है। इस दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संकेत दिया कि बजट में कुछ सख्त कदम उठाए जाएंगे। मोदी ने कहा था कि मैं इस बात कुछ कदमों से लोगों का दिल टूट सकता हैं। लेकिन जब मेरे देशवासी इस बात का एहसास करेंगे कि इन कदमों से देश की वित्तीय स्थिति फिर से सुधरेगी तो उनके दिलों में फिर से मेरे लिए प्यार जागेगा।












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