जीएसटी की बैठक के बाद बोले अरुण जेटली, विरोधी पार्टियां डर क्यों रही है?
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद विरोधी पार्टियों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा बजट की तारीख को लेकर विपक्षी पार्टियां परेशान क्यों हैं?
नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद कहा है कि बैठक में 6 इकोनॉमिक सेक्टर को लेकर चर्चा हुआ है। इन 6 सेक्टर ने मंगलवार को अपनी मांग को लेकर एक प्रजेंटेशन दी थी। इनमें टेलिकॉम और आईटी विशेष तौर पर सेन्ट्रलाइज्ड रजिस्ट्रेशन चाहते हैं। आईजीएसटी में 11 चैप्टर हैं, जिसमें शुरुआती कुछ चैप्टर पर चर्चा हो चुकी है, जबकि कुछ पर चर्चा करना बाकी है। उन्होंने बताया कि चर्चा का कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है, इसलिए 16 जनवरी को फिर से बैठक होगी। उन्होंने बताया कि राज्यों का जीएसटी को लेकर रवैया काफी सकारात्मक है। जिन मुख्य मुद्दों पर चर्चा होना बाकी है, वह हैं टेरिटरी और ड्यूअल कंट्रोल की परिभाषा। इन्हीं दो मुख्य मुद्दों पर चर्चा होना बाकी है।

वहीं दूसरी ओर बजट पेश किए जाने के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति और चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि यह वही पार्टियां हैं जो कह रही थीं कि नोटबंदी का कोई सकारात्मक असर नहीं पड़ा है तो फिर बजट की तारीख को लेकर ये सब परेशान क्यों हैं? जब उनसे पूछा गया कि क्या जीएसटी अपनी डेडलाइन यानी 1 अप्रैल तक लागू हो सकेगी तो जेटली बोले- हम परेशानी को समझते हैं, हमारे पास समय की बहुत कमी है, इसीलिए हमने 16 जनवरी को बैठक करने का फैसला किया है।
ये भी पढ़ें- पीएम नरेंद्र मोदी के क्षेत्र का पहला कैशलेस गांव, कार्ड से कर रहे लोग पेमेंटउन्होंने कहा कि हम साल के अंत तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों करों के जरिए काफी आय कमा लेंगे और हम बजट की अपेक्षाओं से आगे निकल जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुछ राज्यों के वित्त मंत्रियों ने आय बढ़ने की डीटेल दी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह सभी राज्यों से पिछले 2-3 साल का डेटा मंगाएंगे ताकि उनका अच्छे से अध्ययन किया जा सके।












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